मालवीय नगर इलाके में आईआईटी के सामने अरविंदो मार्ग पर शनिवार रात हादसा
-पुलिस, दमकल विभाग, डीडीएमए और पीडब्ल्यूडी की टीम ने लिफ्ट के ऊपर हिस्से को हटाकर तीनों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला
शुरुआती जांच के बाद पुलिस को आशंका चोरी के इरादे से घुसा था युवक, छात्रों ने ऊपर जाने के लिए लिफ्ट चलाई तो फंसकर चली गई जान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में फुटओवर ब्रिज की लिफ्ट में फंसकर एक युवक की जान चली गई जबकि अंदर आईआईटी दिल्ली के तीन छात्र फंस गए। छात्रों ने लिफ्ट में फंसने की कॉल की तो अफरा-तफरी मच गई। तुरंत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा दमकल विभाग, दिल्ली आपदा प्रबंधन और पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर पहुंच गई। लिफ्ट में फंसे छात्र जोर-जोर से चिल्लाकर जल्द निकालने की दुहाई दे रहे थे।
आनन-फानन में बचाव दल ने लिफ्ट के ऊपरी हिस्से को हटाकर तीनों छात्रों मुकुल (22), आदर्श (21) और नमन (22) को सुरक्षित निकाला। इस दौरान बचाव दल को पता चला कि लिफ्ट की अंदर की दीवार (संरचना दीवार) और लिफ्ट के बीच एक युवक फंसा हुआ है। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह लिफ्ट को खिसकाकर युवक को कुचली हुई हालत में बाहर निकाला गया। बाद में उसका शव मोर्चरी भेजा गया।
पुलिस का कहना है कि ऐसा लगता है कि चोरी के इरादे से युवक लिफ्ट का पैनल हटाकर उसके अंदरूनी हिस्से में घुस गया। जैसे ही छात्रा ने ऊपर जाने के लिए लिफ्ट चलाई वह लिफ्ट और दीवार के बीच फंस गया। फिलहाल करीब 25 वर्षीय मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। वह बेघर बताया जा रहा है। मालवीय नगर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से मामले की जांच की जा रही है।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त चंदन चौधरी ने बताया कि शनिवार रात करीब 8.22 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी। कॉलर ने बताया कि वह नियर कालू सराय, शनि मंदिर के पास आईआईटी गेट पर बने फुटओवर ब्रिज की लिफ्ट में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही कॉल को गंभीर से लेते हुए सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। तमाम बचाव दल वहां पहुंच गया। जांच करने पर पता चला कि लिफ्ट के ग्राउंड फ्लोर पर लगा पैनल गायब है।
लिफ्ट का एक दरवाजा भी टूट गया है। बचाव दल ने शुरुआत में लिफ्ट को खिसकाने का प्रयास किया। लेकिन उन्हें पता चला कि ग्राउंड फ्लोर पर लिफ्ट का पैनल गायब है। उस पैनल से कोई व्यक्ति लिफ्ट और उसकी अंदर की दीवार के बीच फंसा हुआ है। इसकी वजह से लिफ्ट फंस गई है।
ऐसे में बचाव दल ने तुरंत लिफ्ट के ऊपरी हिस्से को हटाने का फैसला किया। बाद में लिफ्ट के छत वाला हिस्सा, जहां हवा आने-जाने का पंखा लगा होता है, उसे हटाया। इसके बाद एक-एक कर तीनों छात्रों को वहां से 9.00 बजे निकाल लिया। तीनों बुरी तरह डरे हुए थे। इसके बाद लिफ्ट और दीवार में फंसे व्यक्ति को निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई।
करीब 10.15 बजे लिफ्ट को ऊपर-नीचे कर उसे भी निकाल लिया गया। लेकिन उसकी कुचलने की वजह से मौत हो चुकी थी। पुलिस आशंका जता रही है कि युवक चोरी के इरादे से अंदर घुसा था। उसने अंदर जाने के लिए पहले बाहर का पैनल हटाया। इसके बाद वह पैनल और दरवाजों के बीच से अंदर चला गया। युवकों ने अंदर जाकर जैसे ही लिफ्ट को चलाया, वह दीवार और लिफ्ट के बीच फंस गया।
पीडब्ल्यूडी करती है लिफ्ट की देखरेख का काम...
पुलिस सूत्रों के अनुसार लिफ्ट की देखरेख का काम पीडब्ल्यूडी करती है। यहां लिफ्ट के लिए एक ऑपरेटर की भी व्यवस्था है। लेकिन जब हादसा हुआ तो वहां कोई नहीं मिला। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने तीनों छात्रों के बयान भी दर्ज किए हैं। तीनों छात्र आईआईटी, दिल्ली के छात्र हैं। शनिवार शाम को वह घूमने के लिए कैंपस से निकले थे। बाद में वह हॉस्टल स्थित अपने कमरे पर लौट रहे थे। सड़क के इस पार से दूसरी ओर जाने के लिए वह फुटओवर ब्रिज का सहारा ले रहे थे। लिफ्ट में चढ़ते ही वह अंदर फंस गए। सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद तीनों पुलिस को धन्यवाद करते नहीं थक रहे थे।
सार्वजनिक स्थानों पर लगी ज्यादातर लिफ्ट में बरती जाती लापरवाही...
दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर लगाई गई ज्यादातर लिफ्ट के मामलों में प्रशासन की ओर से घोर लापरवाही बरती जाती है। चाहे मेट्रो स्टेशन की लिफ्ट का मामला या फुटओवर ब्रिज या दूसरे स्थानों का। ज्यादातर जगहों पर आप भगवान भरोसे ही लिफ्ट में सवार होते हैं। नियम के अनुसार लिफ्ट के भीतर एक ऑपरेटर का होना जरूरी है। लेकिन ज्यादातर जगहों पर कोई ऑपरेटर या गार्ड नहीं होता है। ऐसे में अक्सर दिल्ली में लिफ्ट में फंसने की सूचनाएं आती ही रहती हैं।
लिफ्ट में फंसे तो क्या करें...
. सबसे पहले आप पुलिस या दमकल विभाग को लिफ्ट में फंसे होने की सूचना दें।
. यदि लिफ्ट में आपके मोबाइल फोन का नेटवर्क नहीं आ रहा था अंदर लगे अलार्म के बटन को दबाएं।
. लिफ्ट में फंसने के बाद बिल्कुल न घबराएं
. लिफ्ट के अंदर पैनल पर इमरजेंसी नंबर लिखा होता है, उस पर भी सूचना दें।
. बिना वजह के लिफ्ट के अंदर मोबाइल फोन का भी इस्तेमाल न करें।