प्रतियोगिता में नन्हे मुन्नों खिलाड़ियों का जज्बा सातवें आसमान पर दिखाई दिया। इंडस वैली स्कूल नोएडा के छात्र गुनप्रीत सिंह सबरवाल (7) सबसे छोटे उम्र के विजेता बने। गुनप्रीत पांच साल की उम्र से शतरंज खेल रहे हैं। कोच हर शनिवार खेल की बारीकियां सीखाने घर आते हैं। रोजाना पिता के साथ दो से तीन मैच खेलते हैं। मां हरप्रीत कौर ने बताया कि गुनप्रीत मेहनती हैं। रोजाना मैच खेले बगैर उसे नींद नहीं आती। गुनप्रीत के पिता भी इंटरनेशनल खिलाड़ी रहे हैं। घर में खेल का माहौल होने से उसे काफी मदद भी मिली है।