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Noida News: किसानों पर यीडा की मेहरबानी दूसरे प्राधिकरणों पर पड़ेगी भारी

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-आबादी, मुआवजा, शिफ्टिंग समेत समस्याओं को किया दूर
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-गांव की आबादी को किया जाएगा परिभाषित, घेर, चारा मशीन व टयूबवैल क्षेत्र भी शामिल
मनोज कुमार
ग्रेटर नोएडा। चुनावी वर्ष को देखते हुए यमुना प्राधिकरण ने इस बार की बोर्ड बैठक में वैसे तो सभी वर्ग को खुश करने का हर संभव प्रयास किया है, लेकिन किसानों पर दिखाई गई दरियादिली नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों पर भारी पड़ेगी। यीडा में नए-नए हुए कई अहम फैसलों से किसानों की ज्यादातर समस्याएं दूर हो जाएंगी। दूसरे प्राधिकरण के अधिकारियों ने किसानों के पक्ष में हो रहे धड़ाधड़ फैसलों पर कुछ आपत्ति भी जताई है। उनका कहना था कि यदि यहां पर ऐसा होगा तो उनसे भी किसानों की अपेक्षाएं बढ़ जाएंगी।
दरअसल, क्षेत्र में मुआवजा, अतिरिक्त मुआवजा, सात फीसदी आबादी, बैकलीज और शिफ्टिंग की प्रमुख समस्याएं हैं। यमुना प्राधिकरण ने इस बोर्ड बैठक में किसानों के इन सभी मुददों को हल करने का प्रयास किया है। प्राधिकरण बोर्ड ने गांव की आबादी की परिभाषा को (पांच च) अनुसंगी (इंसीडेंसल) शब्द से परिभाषित करते हुए घेर, पशु शेड, ट्यूबवैल, चारा मशीन, पशुओं के चारा खाने का स्थान समेत जो जमीन होगी उसे आबादी माना जाएगा। इसके अलावा आबादी की समस्या दूर करने के लिए शिफ्टिंग पाॅलिसी को भी अपनाने का फैसला लेते हुए उनको शिफ्ट किया जाएगा। लीजबैक और शिफ्टिंग के 110 मामलों को बोर्ड ने मंजूर कर लिया है। एयरपोर्ट क्षेत्र के सभी किसानों को आगामी जमीन अधिग्रहण से 3100 रुपये प्रतिवर्गमीटर या 2780 रुपये प्रतिवर्गमीटर और सात फीसदी आबादी भूखंड दिया जाएगा। साथ ही चकबंदी से प्रभावित किसानों को अतिरक्ति मुआवजा की समस्या को भी दूर किया गया है। इससे यमुना प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र की समस्याएं तो दूर कर ली हैं, लेकिन नोएडा और ग्रेनो प्राधिकरण की समस्याएं बढ़ा दी हैं। दोनों प्राधिकरणों पर किसान इन्हीं समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
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कुरैब के किसानों को मिलेगी अंतरधनराशि
कुरैब गांव के 356 खाताधारक 1500 किसानों को एयरपोर्ट में रनवे के लिए पहले फेज में 2300 रुपये प्रतिवर्गमीटर मुआवजा दिया गया था। मगर अब उनको 3100 रुपये की अंतरधनराशि भी दी जाएगी। जगनपुर-अफजलपुर, अटटा-फतेहपुर और दनकौर के 10 हजार से अधिक किसानों को अतिरिक्त मुआवजा चकबंदी विभाग से दस्तावेज नहीं मिलने के कारण रुका था। अब पहले फेज में सड़क, पार्क, सीवर समेत अन्य प्रयोजन में गई जमीन के किसानों को मूल मुआवजा दस्तावेज के आधार पर अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा। मगर किसानों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 80 फीसदी मामले वापस लेने होंगे।
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