यीडा : पहली आवासीय योजना के 2319 भूखंड होंगे शिफ्ट
- भट्टा पारसौल गांव की जमीन पर आवंटित हैं भूखंड, बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
- वर्ष 2009 की योजना में आवंटित किए गए थे 21 हजार भूखंड, किसानों के कोर्ट चले जाने से नहीं मिला कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) की पहली आवासीय योजना में फंसे 2319 भूखंडों के आवंटियों के लिए राहत भरी खबर है। प्राधिकरण ने इन भूखंडों को शिफ्ट करने का फैसला लिया है। शिफ्टिंग से संबंधित प्रस्ताव प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। शिफ्ट किए जाने वाले भूखंड भट्टा पारसौल गांव की जमीन पर आवंटित किए गए थे। अधिग्रहण को चुनौती देते हुए किसानों के कोर्ट चले जाने से जमीन पर कब्जा नहीं मिलने से आवंटी भटक रहे हैं। भट्टा पारसौल के किसानाें ने अभी तक केस वापस नहीं लिया है।
यीडा ने वर्ष 2009 में 21 हजार भूखंडों की आवासीय योजना लांच की थी। योजना में सफल रहे आवेदकों को यीडा सिटी के सेक्टर-18 और 20 में भूखंड आवंटित गए थे। इस बीच जमीन प्राधिकरण से प्रभावित क्षेत्र के किसानों के कोर्ट चले जाने से प्राधिकरण को जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया। प्राधिकरण निर्धारित समय वर्ष 2013 तक आवंटियों को उनके भूखंडों पर कब्जा नहीं दे पाया। साथ ही सेक्टर का विकास भी नहीं हो सका। मामला लंबे समय तक कोर्ट में लंबित रहा। इसका रास्ता निकालते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि 80 फीसदी याचिकाओं के वापस लेने पर किसानों को 64़ 7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा और 7 फीसदी आबादी का भूखंड का लाभ दिया जा सकता है।
आदेश के बाद निलौनी, शाहपुर, रौनीजा, पचोकरा, दनकौर, रूस्तमपुर, मिर्जापुर, रामपुर आदि गांवों के किसानों को राजी करने में प्राधिकरण सफल रहा है। लेकिन भट्टा पारसौल के किसानों ने अभी तक याचिका वापस नहीं ली है। जिससे गांव की जमीन पर आवंटित किए गए 2319 भूखंडों पर कब्जा नहीं मिल पाया है। ऐसे में आवंटी भूखंड पर कब्जे के लिए प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं। आवंटियों की परेशानी को देखते हुए प्राधिकरण ने अब सभी 2319 भूखंडाें को दूसरी जगह शिफ्ट करने जा रहा है। आवंटियों को सेक्टर-18 और 20 में ही भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए ऐसे भूखंड चिन्हित किए जा रहे हैं, जो निरस्त हो चुके हैं, या किसी आवंटी ने सरेंडर कर दिए हैं।
वर्ष 2009 की आवासीय योजना में फंसे 2319 भूखंडों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड की मुहर लगने के बाद शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - डॉ़ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण।
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