यमुना प्राधिकरण का दायरा और बड़ा हो गया है। अब बुलंदशहर विकास प्राधिकरण और खुर्जा विकास प्राधिकरण के 56 गांवों को यमुना प्राधिकरण में शामिल करने के लिए शासन ने अनुमति दे दी है। सरकार की मुहर के बाद गजट नोटिफिकेशन जारी हो गया है। यमुना प्राधिकरण में इन गांवों के शामिल होने से लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउसिंग हब परियोजना अब रफ्तार पकड़ सकेंगी।
यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के पूर्व की ओर से ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजर रहा है। इसका समीपवर्ती बिंदु चोला रेलवे स्टेशन है। जेवर एयरपोर्ट में कार्गो और ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर का विकास हो रहा है। इससे प्राधिकरण के पूर्वी क्षेत्र में लाजिस्टिक तथा वेयरहाउसिंग क्षेत्र में प्रबल संभावनाएं हैं।
यह क्षेत्र ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से सीधे जुड़ा हुआ है। प्राधिकरण का अधिसूचित क्षेत्र ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से करीब 5 किमी दूर है। अगर यमुना प्राधिकरण का अधिसूचित क्षेत्र ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर तक बढ़ाया जाता है तो इससे लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउसिंग को खूब फायदा मिलेगा। इसी को देखते हुए खुर्जा और बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के गांवों के यमुना प्राधिकरण में शामिल किया जा रहा है।
खुर्जा और बुलंदशहर के 56 गांवों को यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। नए गांवों के इलाके में कार्गो-लॉजिस्टिक्स हब बनाया जाएगा। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के आसपास स्मार्ट सिटी, कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क और बड़ी औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाने हैं। इन सब परियोजनाओं के लिए जमीन की जरूरत है। इन 56 गांवों को यमुना प्राधिकरण में शामिल करने के लिए शासन ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
ये गांव यमुना प्राधिकरण में शामिल होंगे
शेखपुर माम, दाउदपुर, सलेमपुर मजरा दस्तूरा, दस्तूरा, खंडपूरा, भगवानपुर, हसनपुर लडूकी, बीघेपुर, बीछट सुजानपुर, मोहम्मद पुर मजरा बीछट, अख्तियारपुर, सनोता सफीपुर, भाईपुर, लालपुर ममरेजपुर, शहजादपुर कनेनी, ताजमाबाद, सारंगपुर, नगला रूमी, आसफपुर, सिरयाल, शाहपुर कला, गोठनी, भिंडोर, फिरोजपुर, अहरौली, औरंगा, भादवा, रामगढ़ी, जाफर नगर गदाईपुर, जाहिदपुर कला, गंगथला, कलंदर गढ़ी, क्वारसी, जाहिदपुर खुर्द, सुल्तानपुर, इस्माईलपुर बुधैना, इब्राहिमपुर जुनैदपुर, समसपुर, कमालपुर मजरा भदौरा, इनायतपुर उर्फ मधुपुरा, भदौरा, खबरा, भौंरा, सलौनी उर्फ रौनी, मकरंदपुर उर्फ फतेहपुर, वैर बादशाहपुर, अरौड़ा, फतेहपुर जादौन, घनौरा, नूरपुर, निठारी, गंगरौल, कादरपुर।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउसिंग हब परियोजना जमीन के कारण अभी तक फंसी पड़ी थी। मगर अब उक्त गांवों की जमीन को शामिल होने के बाद विकास का खाका तैयार किया जाएगा। इस पूरे क्षेत्र को लाजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे रोल मार्ग से भी जोड़कर विकसित किया जाएगा।-डॉ.अरुणवीर सिंह, सीईओ यीडा।