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Noida News: कामकाजी महिला समन्वय समिति ने फूंका मुख्यमंत्री का पुतला

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खेल मंत्री को बर्खास्त करने और प्रदेश सरकार द्वारा निष्पक्ष जांच के लिए सौंपा ज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कामकाजी महिला समन्वय समिति (सीटू) गुरुग्राम के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को महिला प्रशिक्षक के साथ छेड़छाड़ मामले में खेल मंत्री को बर्खास्त करने और प्रदेश सरकार द्वारा निष्पक्ष जांच के लिए मंडल आयुक्त के माध्यम से हरियाणा के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप है। आक्रोशित महिलाओं ने अग्रवाल धर्मशाला चौक पर हरियाणा के मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।
कामकाजी महिला समन्वय समिति (सीटू) व अखिल भारतीय महिला समिति गुरुग्राम की अध्यक्ष रामरती ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महिला प्रशिक्षक ने खेल मंत्री संदीप सिंह पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस प्रमुखों के यहां कोई न्याय की उम्मीद नहीं मिलने के बाद महिला कोच द्वारा मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक रूप से मामले को रखा गया है। इस बारे में आवाज उठाने के चलते उन्हें मंत्री व सरकार द्वारा भयंकर रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। राज्य सरकार व उसके तंत्र द्वारा पीड़िता को न्याय दिलवाने की बजाय आरोपी मंत्री को बचाने के लिए ही प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ने मंत्री को अभी भी कैबिनेट से नहीं हटाया है, सिर्फ खेल मंत्री का कार्यभार वापस लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा इस मामले पर दिया गया बयान बेहद निंदनीय है और पीड़ित महिला को ही दोषी करार देने वाला है। तीन जनवरी को उन्होंने इस मामले पर कहा कि महिला कोच द्वारा अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, इससे कोई दोष साबित नहीं होता। यह एक प्रकार से आरोपी मंत्री को बचाने वाला व पुलिस की कार्रवाई को भी मंत्री के पक्ष में खड़ा करने वाला है।
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उन्होंने कहा कि राज्य के मुखिया के द्वारा जांच एजेंसियों द्वारा जांच किए जाने से पहले ही मंत्री को क्लीन चिट देना अपने आप में बेहद निंदनीय है। यह उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के महिलाओं के प्रयासों को चोट पंहुचाने वाला है। इसके लिए मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और बयान को वापस लेना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आरोपी मंत्री संदीप सिंह तुरंत मंत्री पद से बर्खास्त हों व उन्हें गिरफ्तार किया जाए। उच्च न्यायालय के वर्तमान जज की देखरेख में मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। पीड़ित महिला प्रशिक्षक को तमाम सुरक्षा मुहैया करवाई जाए व उनके खिलाफ हुई विभागीय उत्पीड़न कार्रवाई वापस हों और हरियाणा के मुख्यमंत्री अपने दिए गए बयान पर माफी मांगें व उसे वापस लें। इस अवसर पर रमेश, लीलावती, मीरा, आशा रानी, सरस्वती, मूर्ति सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रही।
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