15 मिनट तक लिफ्ट में दो बच्चों संग फंसी रही महिला
ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज वन सोसाइटी के टावर डी-चार की घटना, निवासियों ने जताया रोष
पिछले सप्ताह भी ए-दो टावर की लिफ्ट में फंसे थे छह लोग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज वन सोसाइटी के टावर डी-चार की लिफ्ट में सोमवार सुबह एक महिला अपने दो बच्चों के साथ 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही। बिजली गुल होने से लिफ्ट 11वें और 12वें फ्लोर के बीच अटक गई। सुरक्षाकर्मियों ने सभी को निकालने का प्रयास किया, लेकिन बाद में लिफ्ट बेसमेंट में जाकर खुली। निवासियों का आरोप है कि लोग अक्सर टावरों की लिफ्ट में फंस रहे हैं, लेकिन बिल्डर रखरखाव पर ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं, हादसे के बाद बच्चे स्कूल नहीं गए।
टावर के 13वें फ्लोर पर रहने वाले आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार सुबह करीब सात उनकी पत्नी दोनों बच्चों को स्कूल की बस तक छोड़ने के लिए नीचे जा रही थी। इस दौरान बिजली जाने से लिफ्ट 11वें और 12वें फ्लोर के बीच में फंस गई। शोर मचाने के बाद सुरक्षाकर्मी पहुंचा और लिफ्ट का गेट खोला, लेकिन कोई बाहर नहीं निकल सका। इसके बाद लिफ्ट का दरवाजा बंद किया गया, फिर लिफ्ट सीधे बेसमेंट में जाकर खुली और तीनों बाहर निकले। घटना के बाद से निवासियों में बिल्डर के खिलाफ रोष है। उनका कहना है कि लिफ्ट के रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है। निवासियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। लोगों ने प्रदेश सरकार से लिफ्ट एक्ट लागू कराने की मांग की है।
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कई टावरों में केवल एक लिफ्ट
निवासियों ने बताया कि सोसाइटी में 50 से अधिक टावर हैं। इनमें से करीब 10 टावर ऐसे हैं, जिनमें केवल एक लिफ्ट है। अगर लिफ्ट खराब हो जाती है तो निवासियों को सीढि़यों से आना-जाना पड़ता है। इससे काफी परेशानी होती है। वहीं, अन्य टावर की लिफ्ट भी आए दिन खराब होती रहती है।
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चार दिन बाद ही दूसरी घटना से निवासियों में नाराजगी
पिछले सप्ताह सोसाइटी के टावर ए-दो की एक लिफ्ट में छह लोग करीब 20 मिनट तक फंसे थे। लिफ्ट बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर के बीच फंस गई थी। चार दिन बाद ही दूसरी घटना से निवासियों में काफी रोष है। उनका कहना है कि लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बच्चे और बुजुर्ग डर रहे हैं। प्राधिकरण को बिल्डर पर कार्रवाई करनी चाहिए।