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Noida News: गैंगस्टर सुंदर भाटी के अतीक-अशरफ की हत्या से जुड़ रहे तार

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अतीक-अशरफ की हत्या से गैंगस्टर सुंदर भाटी के जुड़ रहे तार
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- हमीरपुर जेल में सनी सिंह से हुई पहचान, जिगाना पिस्टल दिलाने में भी हाथ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। प्रयागराज के अस्पताल में हुई माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के तार वेस्ट यूपी के गैंगस्टर सुंदर भाटी से जुड़ रहे हैं। अतीक और अशरफ की हत्या में शामिल सनी सिंह भी सुंदर भाटी के साथ हमीरपुर जेल में बंद रहा है। मामले में सुंदर भाटी के इशारे पर हत्या की आशंका जताई जा रही है। वारदात को पाकिस्तान से लाई गई जिगाना पिस्टल से अंजाम दिया गया। आशंका जताई जा रही है कि पिस्टल गैंगस्टर सुंदर भाटी के गुर्गों ने ही आरोपियों को मुहैया कराई है। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सोशल मीडिया में यह बात भी खूब प्रसारित हो रही है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी इसी तरह की पिस्टल से की गई थी।
वेस्ट यूपी के गैंगस्टर सुंदर भाटी पर हत्या, हत्या की कोशिश व रंगदारी के 60 से अधिक केस दर्ज हैं। पिछले साल सुंदर भाटी को हरेंद्र प्रधान की हत्या में जिला न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सुंदर भाटी लंबे समय से हमीरपुर जेल में बंद है। अतीक अहमद और अशरफ की हत्या में शामिल आरोपी सनी सिंह पर 14 केस दर्ज हैं। सनी सिंह, हमीरपुर जेल में सुंदर भाटी के साथ बंद रहा है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले और आर्थिक रूप से कमजोर हत्यारोपी सनी सिंह, लवनेश और अरुण मौर्य पर पिस्टल कहां से आईं या किसने मुहैया कराईं। इन सवालों का अब तक ठोस जवाब नहीं मिल पाया है।
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ये है सुंदर भाटी का अपराधिक सफरनामा
साल 1990 में ग्रेटर नोएडा के गांव रिठौड़ी के रहने वाले नरेश भाटी ने परिवार के कई लोगों की हत्या के बाद जरायम की दुनिया में कदम रखा। उसी दौरान नरेश का संपर्क सतवीर गुर्जर से हुआ। ग्रेटर नोएडा के घंघोला गांव का रहने वाला सुंदर भाटी भी पहले नरेश भाटी के साथ रहता था। सिकंदराबाद में ट्रक यूनियन पर कब्जे को लेकर नरेश भाटी और सुंदर भाटी के गुर्गे आपस में भिड़ गए। भिडंत में एक की जान जाने के बाद दोनों की आपस में ठन गई। नरेश भाटी राजनीतिक संरक्षण हासिल करने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष बनना चाहता था। इधर, सुंदर भाटी भी यही मंशा रखने लगा। इससे दोनों की दोस्ती और रंजिश में बदल गई। नरेश भाटी ने जिला पंचायत का चुनाव लड़कर, जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पा ली। वर्ष 2004 में नरेश भाटी की सुंदर भाटी गिरोह ने हत्या कर दी। नरेश गिरोह केे नंदू उर्फ रावण की वर्ष 2013 में की पेशी पर लाते वक्त हत्या कर दी गई। 18 नवंबर 2011 को गाजियाबाद के एक बैंक्वेट हॉल में सुंदर भाटी एक विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचा। यहां सुंदर भाटी पर जानलेवा हमला किया गया, लेकिन किसी तरह सुंदर भाटी बच गया। हालांकि उस हमले में तीन लोग मारे गए। वर्ष 2014 में सुंदर भाटी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
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