किस्तों में भुगतान का एक बार फिर मिलेगा मौका
- बिल्डरों से बकाये की वसूली के लिए फिर से रिशिड्यूलमेंट पॉलिसी का लाभ दिलाने की योजना
- प्राधिकरण की अगली बोर्ड बैठक में जा सकता है प्रस्ताव
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की ओर से बिल्डरों को एक बार फिर से किस्तों में बकाये के भुगतान का मौका दिया जा सकता है। अगली बोर्ड बैठक में इसके लिए रिशिड्यूलमेंट पॉलिसी को एक बार फिर से लाने पर विचार किया जा रहा है। इसका मकसद बिल्डरों से पैसे का भुगतान कराना है।
रिशिड्यूलमेंट पॉलिसी 31 मार्च तक लागू थी। इस अवधि तक 10 बिल्डरों ने बकाया चुकाने के लिए रिशिड्यूलमेंट पॉलिसी अपनाने के लिए आवेदन किया। उनकी ओर से किस्तों में पैसा जमा करने के लिए हामी भरी गई। अब प्राधिकरण उनके आवेदन के आधार पर किस्तों का निर्धारण कर रहा है। ऐसे ही सिंगल फ्लैट की रजिस्ट्री योजना के तहत करीब 20 बिल्डरों ने प्राधिकरण में आवेदन किया है। उनकी ओर से जितने फ्लैटों की रजिस्ट्री करानी है। उसी अनुपात में पैसा जमा किया जा रहा है।
इस तरह की स्कीम में बिल्डरों के आने के बाद अब प्राधिकरण की ओर से एक और मौका देने पर विचार किया जा रहा है। अब तक बिल्डरों से बकाये की वसूली के तहत करीब 375 करोड़ रुपये वापस आए हैं, जबकि उन पर नौ से 16 हजार करोड़ तक बकाया है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद फैसला प्राधिकरण के पक्ष में जाने के बाद वसूली के लिए प्रयास चल रहा है।
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आरसी और सीलिंग की कार्रवाई पर भी विचार
इससे पहले प्राधिकरण ने रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने और बिना बिकी संपत्तियों को सील करने के लिए फाइल तैयार की है। कुछ फाइलों पर सीईओ की संस्तुति भी मिल चुकी है, लेकिन कुछ पर अभी भी गणना का काम चल रहा है। हालांकि प्राधिकरण के सूत्रों की मानें तो बकाये की वसूली के लिए प्राधिकरण अब कड़े रूख अपनाने से बच रहा है। ऐसे में संभव है कि नई पॉलिसी को जल्द से जल्द लागू कराकर पैसे की वापसी कराई जाए।