यमुना सिटी (संवाद)। नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (निम्स) के त्वचा रोग विभाग ने विश्व विटिलिगो दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को सफेद दाग (विटिलिगो) के प्रति जागरूक करना, इससे जुड़ी भ्रांतियां दूर करना और समय पर जांच व उपचार के महत्व को समझाना था। इसमें डॉक्टरों, फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, इंटर्न और मेडिकल छात्रों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि विटिलिगो एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली त्वचा की रंग बनाने वाली कोशिकाओं को प्रभावित करती है। इसके कारण त्वचा पर सफेद धब्बे बन जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बीमारी संक्रामक नहीं है और न ही एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। डॉक्टरों ने सलाह दी कि त्वचा पर सफेद धब्बे दिखाई देने पर तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।