रामपुर में घायल और बीमार गोवंश की देखभाल का जिम्मा ग्रामीणों पर
यमुना सिटी(संवाद)।
जेवर क्षेत्र के रामपुर गांव में घायल और चोटिल आवारा गोवंश के इलाज के लिए ग्रामीणों को खुद ही व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पशुओं के इलाज के लिए 1962 हेल्पलाइन और एंबुलेंस सेवा शुरू की गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के इलाज के लिए कई बार 1962 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। जरूरत पड़ने पर गांव में एंबुलेंस नहीं पहुंची। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कुछ आवारा गोवंश के लगी चोट में कीड़े हो जाते हैं जिस कारण कई गोवंश की मौत भी हो चुकी है। लोगों ने बताया कि कई किलोमीटर जेवर ब्लॉक जाकर दवा लाने का प्रयास किया जाता है। ब्लॉक बंद होने या वहां दवा उपलब्ध नहीं होने पर ग्रामीण अपने पैसे खर्च कर दवा खरीदते हैं। इसके बाद घायल गौवंश की खुद ही मरहम-पट्टी करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस मामले को लेकर जिम्मेदारों से गुहार लगाई गई है लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है।