विदेश यात्रा में बाधा बना टीकाकरण प्रमाण पत्र
-कोविड वैक्सीन तो लगवाई, दूसरी डोज के बाद नहीं लिया प्रमाण पत्र
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-10 की अंकिता शर्मा को अगले महीने अपने रिश्तेदार के यहां यूएसए जाना है, लेकिन कोरोना टीकाकरण का प्रमाण पत्र अब उनकी यात्रा में बाधा बन रहा है। उन्होंने कोविड वैक्सीन की पहली डोज नोएडा में लगवाई थी ओर दूसरी डोज चंडीगढ़ में लगवाई ली। उस समय पूर्ण टीकाकरण का प्रमाण पत्र नहीं लिया। अब प्रमाण पत्र लेने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के चक्कर लगा रही हैं।
अंकिता जैसे कई लोग कोरोना टीकाकरण के प्रमाण पत्र के लिए परेशान हो रहे हैं। इनमें विदेश जाने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। विदेश जाने के लिए कोरोना के दो टीके लगने का प्रमाण पत्र होना चाहिए। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि रोजाना दो-तीन लोग प्रमाण पत्र नहीं मिलने की शिकायत लेकर आ रहे हैं। जांच करने पर पता चल रहा है कि पहला टीका जनपद में लगवाने के बाद दूसरा कहीं और से लगवाया था। जब दूसरी डोज लगवाई थी तब ही प्रमाण पत्र लेना चाहिए था। अब पोर्टल पर अपडेट नहीं हो रहा है।
हज यात्रियों ने नहीं लगवाई वैक्सीन
हज यात्रा के लिए जिला स्तर पर निशुल्क मेनेंजाइटिस के टीके की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसके लिए हज यात्रियों ने पंजीकरण भी करा लिया। इसके हिसाब से वैक्सीन मंगाई गई थीं, लेकिन ऐसे 46 यात्रियों की जानकारी जुटाई गई, जिन्होंने विभाग में पंजीकरण कराकर महंगी वैक्सीन निजी अस्पतालों में लगवा ली। इनकी वजह से वैक्सीन को वापस लौटाया जाएगा। दरअसल, जिले में 400 लोगों को मेनेंजाइटिस का टीका दिया जा चुका है।