गाजियाबाद। दुबई और कंबोडिया में बैठकर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर भारत में साइबर ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाते बेचने वाले तीन शातिरों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। गिरोह को बेचे गए 10 खातों की जानकारी मिली है। इनमें से अभी एक का ही ब्योरा मिल पाया है, जिसमें 6.5 करोड़ के लेनदेन का पता चला है।
इस लेनदेन के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने 10 राज्यों के 32 लोगों से की गई ठगी की वारदात का खुलासा हो जाने का दावा किया है। ठगी के शिकार लोगों में गाजियाबाद के कुशल पाल सिंह भी हैं। उनसे 70 लाख की ठगी की गई। इसी घटना की जांच के दौरान पुलिस को पहले गिरोह और फिर बैंक खाते बेचने वाले शातिरों का पता चला।
एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मथुरा के गोविंदनगर निवासी रवि शर्मा, देहरादून आईटी पार्क निवासी सुशील शर्मा और भानु राघव हैं। सुशील मूलरूप से मथुरा के भरतपुर गेट व भानु अलीगढ़ के क्वार्सी का रहने वाला है। रवि और भानु 12वीं पास हैं जबकि सुशील ने बीकॉम किया है। तीनों के पास से पांच मोबाइल, चार चेकबुक, दो चेक, तीन डेबिट कार्ड और एक पैनकार्ड बरामद किए गए हैं।
10 में से देहरादून की पीएनबी शाखा के एक खाते में कुशल पाल के 50 हजार रुपये गए थे। पुलिस को जांच में इसी खाते में साढ़े छह करोड़ का लेनदेन मिला है। खाते में जमा मिले 52 लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं। कुशल पाल सिंह से ठगी गई रकम 10 खातों में गई थी। इसमें से 29,57,774 रुपये फ्रीज कराकर उन्हें वापस करा दिए हैं।
इस गिरोह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर, गुजरात के आनंद, भावनगर, तापी, कर्नाटक के बंगलूरू, मैसूर, केरल के त्रिशूर, कोझिकोड, कन्नूर, मध्य प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर, महाराष्ट्र के ठाणे, औरंगाबाद, बृहन मुंबई, ओडिशा, कटक, तेलंगाना, विकाराबाद, साइबराबाद, हैदराबाद, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, लखनऊ, पश्चिम बंगाल के बीरभूम और कोलकाता के लोगों को ठगी की है।
फर्जी कंपनी के नाम पर खुलवाए खाते
पूछताछ में पकड़े गए रवि शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह सुशील, भानु, मनोज कुमार कठैत के साथ मिलकर फर्जी कंपनी के नाम पर चालू खाते खुलवाते हैं। इन्हें वह विदेश में बैठे ठगों को व्हाट्सएप के जरिये भेजते हैं। वे ठगी गई रकम इन खातों में मंगवाते हैं। कुशल पाल सिंह से ठगी गई रकम कठैत फाइनेंशियल सेर्विसेस देहरादून नामक फर्म के खाते में गया था। जिसे जरिये पुलिस ने घटना का खुलासा किया है। रवि ने पुलिस को बताया ठगी गई रकम की ट्रांजेक्शन करने के लिए ओटीपी आता है जो वह एटीओटीपी फॉरवर्डर एप के जरिये भेजते हैं। इसके जरिये विदेश के नेटवर्क पर ओटीपी जल्दी पहुंच जाता है। रवि ने बताया कि ठगी गई रकम का उन्हें एक प्रतिशत कमीशन मिलता है।
15 एप बंद कराने के लिए भेजा पत्र
साइबर अपराध थाना पुलिस ने गूगल और एपल कंपनी को 15 एप बंद करने के लिए पत्राचार किया है। पुलिस ने एआरआईएच प्लस, रिटेल वीआईपी, इंदिरा, डीएचएएनआईएन-आईए, ईटी5, एसपीएक्स, सीएचसी-एसईएस, रिटेल होम, केकेआरपीआरओ, एंगल वन बीजी, एंगल बीजी, टेकस्टार्स प्रो, विकिंग इंडियंस, टेकस्टार्स, यूआईसीआईसीआर, ब्लैकस्टोन और एलाइस नामक एप की सूची तैयार की है।