आम्रपाली गोल्फ होम्स में बढ़े मेंटेनेंस शुल्क पर घमासान
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित आम्रपाली गोल्फ होम्स सोसाइटी में मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने के फैसले ने एओए की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवासियों का कहना है कि जब शुल्क वृद्धि का असर सभी फ्लैट मालिकों पर पड़ना है, तो फैसला लेने से पहले उनकी राय और खर्चों का पूरा ब्योरा साझा किया जाना चाहिए। जीबीएम में भी इस मुद्दे पर निवासियों ने विरोध जताया।
निवासी दिलीप, राणा प्रताप और दीपक चौहान का आरोप है कि एओए ने प्रति वर्ग फीट 70 पैसे की बढ़ोतरी कर नया मेंटेनेंस शुल्क एक अक्टूबर से लागू कर दिया है। आरोप है कि सितंबर में हुई बैठक में अधिकांश फ्लैट मालिक शामिल नहीं थे और उनकी सहमति के बिना ही प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
सोसाइटी के सभी निवासियों को विश्वास में लेना जरूरी है। निवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि अतिरिक्त शुल्क लेने के बावजूद बेसमेंट में जलभराव, लिफ्ट में लोगों के फंसने, साफ-सफाई और चारदीवारी जैसी समस्याएं क्यों बनी हुई हैं। उनका कहना है कि एओए को पहले रखरखाव की स्थिति और लंबित कार्यों की जानकारी साझा करनी चाहिए।
क्लब हाउस और जिम के पैसे मांगे जाने पर विरोध
क्लब हाउस और जिम के लिए अलग से पैसे मांगे जाने पर भी आपत्ति जताई गई है। निवासियों ने बताया कि फ्लैट खरीदते समय इन सुविधाओं के लिए भुगतान किया जा चुका है, जबकि कई सुविधाएं अब भी अधूरी हैं। ऐसे में अतिरिक्त वसूली का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।
निवासियों की मांग है कि एओए शुल्क वृद्धि का कारण, आय-व्यय का विवरण और अधूरे कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा सार्वजनिक करे। उनका कहना है कि शुल्क से जुड़े विवाद को दूर करने के लिए पारदर्शी व्यवस्था और निवासियों के साथ नियमित संवाद जरूरी है। एओए अध्यक्ष अमरनाथ शर्मा ने बताया कि सारे आरोप बेबुनियाद है।