मेट्रो प्रबंधन की ओर से चयनित कंपनी को तीन माह के भीतर पूरा सेटअप लगाने को कहा गया है। कंपनी की ओर से आर्किटेक्ट का सहारा लिया जाएगा। मेट्रो प्रबंधन ने कंपनी को रेस्तरां, स्टोर और अन्य के लिए लाइसेंस पर कोच दिया है। इसमें यह भी बताया गया है कि क्या-क्या नहीं करना है। कंपनी रेस्तरां चलाएगी।
प्रबंधन की ओर से कंपनी को मेट्रो कोच के बाहर करीब 200 वर्गमीटर का क्षेत्र और दिया गया है। कंपनी को यहां लैंडस्केप विकसित करना होगा, ताकि यहां आने वाले लोगों को ये लुभा सके। कंपनी चाहे तो कुछ लोगों के लिए बाहर बैठने की भी व्यवस्था कर सकती है। कंपनी को नौ साल के लिए यह लाइसेंस दिया गया है, लेकिन प्रत्येक दो वर्ष पर लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होगा। सेक्टर-137 में मेट्रो स्टेशन के पास इससे पहले तीन रेस्तरां, एक कार शोरूम और एक सैलून पहले से ही चल रहा है। इस नए रेस्तरां के खुलने पर सेक्टर-137 और आसपास के लोगों को काफी फायदा होगा।
कोच में बैठने की व्यवस्था में नहीं होगा बदलाव
एग्रीमेंट के अनुसार मेट्रो कोच में बैठने की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। पहले से निर्धारित सीटों पर ही ग्राहक बैठेंगे। उनके लिए अलग से किसी तरह की सीट नहीं लगाई जाएगी। लोगों को यह अहसास होगा कि वह ट्रेन में सफर करते हुए खाने-पीने का आनंद ले रहे हैं।
चलती ट्रेन की तरह होगी अनाउंसमेंट
मेट्रो कोच में बैठने पर आपको वही अनाउंसमेंट सुनाई देगी जो अमूमन सफर के दौरान की जाती है। हालांकि, रेस्तरां में यह अनाउंसमेंट खाने-पीने को लेकर होगी। यहां बिजनेस मीटिंग, बर्थ डे पार्टी आदि की जा सकती हैं। व्यक्तिगत तौर पर परिवार के लोग भी इसका आनंद उठा सकते हैं।
मेट्रो कर्मियों की ड्रेस में होंगे वेटर
सूत्रों के मुताबिक मेट्रो कर्मियों की ड्रेस में रेस्तरां के वेटर और अन्य स्टाफ होंगे। यहां भी टोकन और कार्ड सिस्टम आदि होगा। हालांकि, इसे किस तरह से लागू किया जाएगा। इस पर अभी फैसला होना बाकी है।