फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida: एमिटी की साइंस-20 कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बोले, स्टार्टअप ने दिखाई तरक्की की राह

Tue, 05 Sep 2023 05:36 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नोृएडा

सार

जितेंद्र सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। भारत में बढ़ते स्टार्टअप ने आर्थिक परिदृश्य की काया ही बदलकर रख दी है। 2014 में जहां भारत में चार स्पेस स्टार्टअप थे वहीं, अब वह 150 से अधिक पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
एमिटी की साइंस-20 कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में बढ़ते स्टार्टअप ने आर्थिक परिदृश्य की काया ही बदलकर रख दी है। 2014 में जहां भारत में चार स्पेस स्टार्टअप थे वहीं, अब वह 150 से अधिक पहुंच रहे हैं। इसके बदौलत ही ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 81वें पायदान से 40वें पर आकर खड़ा है। रैंकिंग में यह  सुधार भारत की ताकत को दिखाता है। यह बात भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. जितेंद्र सिंह ने एमिटी विश्वविद्यालय में चल रहे दो दिवसीय साइंस-20 कॉन्फ्रेंस के पहले दिन सोमवार को कही।

विज्ञापन


जितेंद्र सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था आठ बिलियन डॉलर की है और स्पेस के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की बदौलत 2040 तक भारत की स्पेस अर्थव्यवस्था 40 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। साथ ही आज भारत में 1.25 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं और इनमें से 130 यूनिकॉर्न हैं।  

एमिटी विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान ने कहा, विज्ञान, आर्थिक विस्तार और मानव प्रगति के पीछे की प्रेरक शक्ति है और प्रतिष्ठित एस-20 सम्मेलन इस अभियान में प्रमुख भूमिका निभाएगा। डॉ. चौहान ने कहा कि आईएनएसए के सहयोग से इस प्रतिष्ठित सम्मेलन की सह मेजबानी करना बड़ा सम्मान है। चंद्रयान-3 की सफल प्रक्षेपण से भारत ने पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल कायम की है। यह दिखाया है कि अगर कुछ हासिल करना हो तो आसमान में उसकी सीमा नहीं है।
विज्ञापन


विज्ञान एवं  प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव एवं एस-20 के सह अध्यक्ष डॉ. आशुतोष शर्मा ने कहा, व्यापक विषय अभिनव और सतत विकास के लिए विघटनकारी विज्ञान, तीन मुख्य पहलुओं पर जोर देता है, जुगाड़ जिसका अर्थ नवाचार, व्यापार जिसका अर्थ व्यवसाय, और पंगा जिसका अर्थ व्यवधान है। एक टिकाऊ विश्व बनाने के लिए स्वच्छ उर्जा को सभी के लिए उपलब्ध कराना होगा और विज्ञान को समाज से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें