नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की ओर से आरोपों पर बहस सुनी, जो दिल्ली दंगा मामले 2020 की साजिश मामले में आरोपी है। बहस के दौरान उसके वकील ने उमर खालिद के खिलाफ पक्षपात का आरोप लगाया और एफआईआर को मजाक बताया। उमर खालिद, शरजील इमाम, ताहिर हुसैन और 15 अन्य आरोपियों के साथ, 2020 के दिल्ली दंगों की कथित साजिश के लिए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आरोपी हैं, जिसमें 53 लोगों की जान चली गई थी। खालिद को 13 सितंबर, 2020 को गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने उमर खालिद के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता की दलीलें सुनीं। दलीलें सुनने के बाद, मामले को 17 सितंबर के लिए सूचीबद्ध किया है। संवाद