उप जिला अस्पताल विकासनगर में पंजीकरण काउंटर पर पर्चा बनाने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। काउंटर पर महिला और पुरुष कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कतार लगती है, लेकिन पर्चा एक ही कर्मचारी बनाता है। सोमवार और शनिवार को मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण ओपीडी का समय समाप्त होने तक पंजीकरण काउंटर पर कतार लगी रहती है। उप जिला अस्पताल विकासनगर पछवादून और जौनसार बावर क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां नए और पुराने मरीज मिलाकर दैनिक ओपीडी करीब 550 से 600 के बीच है। कई बार लगातार अवकाश या सप्ताहांत के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने पर ओपीडी में मरीजों की संख्या 800 से 850 तक पहुंच जाती है। यहां मरीजों के पंजीकरण के लिए बनाए गए काउंटर पर एक ही कर्मचारी तैनात है। काउंटर पर महिला और पुरुष मरीज की अगल-अलग कतार लगती है। कर्मचारी दो कतारों में बारी-बारी से मरीजों का पर्चा बनाते हैं। भीड़ अधिक होने पर पर्चा बनाने में अधिक समय लगता है। इस कारण ओपीडी का समय बीतने के बाद भी चिकित्सक मरीजों को देखते हैं। कई बार मरीजों की जांच नहीं हो पाती है। कई की जांच हो जाती है, लेकिन जब तक वह ओपीडी कक्ष में रिपोर्ट लेकर पहुंचते हैं तब तक चिकित्सक उठ जाते हैं। परम सिंह, रौनक दास, मालती देवी, सिकंदर, कुंवर पाल, रविता, लीला आदि मरीजों ने बताया कि अस्पताल में पर्चा बनाने में काफी समय लग रहा है। पंजीकरण काउंटर पर पर्चा बनाने के लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए।