दो पैराेकार लाइन हाजिर, 120 करोड़ की संपत्ति कुर्क, एक और केस दर्ज
- केस में पैरवी में लापरवाही पर की गई दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
- वर्ष 2018 में धर्म कांटा संचालक से मारपीट में कोर्ट के आदेश पर केस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सरिया स्क्रैप माफिया रवि काना और उसके गिरोह पर पुलिस लगातार नकेल कस रही है। शनिवार को ढोल बजाकर गिरोह के 120 करोड़ की संपत्ति को कुर्क कर दिया गया। इसके अलावा गिरोह के खिलाफ दर्ज केस की पैरोकार में लापरवाही पर बीटा-2 और सेक्टर-39 थाने में तैनात दो सिपाही लाइन हाजिर किए गए। वहीं, कोर्ट के आदेश पर बिसरख कोतवाली में गिरोह के काले कारोबार को संचालित करने में बड़ी भूमिका निभाने वाले अवध उर्फ बिहारी और सूरज के खिलाफ चार साल बाद धर्म कांटा संचालक से मारपीट व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर माफिया गैंगस्टर के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने दादूपुर गांव के गैंग लीडर रवि नागर उर्फ रविन्द्र सिंह उर्फ रवि काना और उसके चचेरे भाई राजकुमार की अवैध कमाई से अर्जित की गई 120 करोड़ की संपत्ति ढोल बजाकर कुर्क की गई है। बीटा-2 थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह और नॉलेज पार्क थाना प्रभारी डॉ. विपिन कुमार की टीम ने गिरोह की कंपनी मैसर्स प्राइम प्रेसिंग टूल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर 12 वाहन, एक आल्टो कार एवं माल वाहन वाहन शामिल है। इनकी कीमत लगभग 2.70 करोड़ रुपये है। इसके अलावा रवि काना की कंपनी प्राइम प्रेसिंग टूल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एसबीआई, एस्कान एक्सपोर्ट के नाम से एचडीएफसी बैंक खातों में जमा 5.22 करोड़ की रकम भी कुर्क की गई है। बुलदंशहर के सिकन्दराबाद-खुर्जा रोड स्थित 50 करोड़ कीमत की निर्माणाधीन फैक्टरी, सूरजपुर के औद्योगिक क्षेत्र में 32 करोड़ रुपये का भूखंड भी कुर्क किया गया है। राजकुमार की ईकोटेक-12 में 32.20 करोड़़ रुपये की जमीन, चाई-5 में एक करोड़ रुपये का प्लाॅट है। इससे पहले पुलिस ने गिरोह की संपत्ति सेक्टर-39 थाने में सामूहिक दुष्कर्म और बीटा-2 थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज करने के बाद ही सील करनी शुरू कर दी थी।
अमर उजाला ने उजागर की थी सूरज और अवध की करतूत
ग्रेटर नोएडा। रवि काना गिरोह की मैसर्स प्राइम प्रेसिंग टूल्स प्राइवेट लिमिटेड का जीएसटी रजिस्ट्रेशन सूरज के नाम से है। सूरज मूलरूप से बुलंदशहर का निवासी है और रवि काना का ममेरा भाई बताया गया है। रवि काना जेएसआर के नाम से ट्रांसपोर्ट का काम भी देखता था। अमर उजाला ने नौ जनवरी को जेएसआर लिखा देख रास्ता छोड़ देती थी पुलिस हेडलाइन से खबर प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया था कि सूरज गिरोह के कई काम देखता था। लेकिन उसे अब तक नामजद नहीं किया गया था। अवध उर्फ बिहारी गैंगस्टर केस में नामजद है। अब बिसरख कोतवाली में धर्म कांटा संचालक बदरपुर नई दिल्ली निवासी विपिन ने दर्ज कराए गए केस में कहा है कि उसके कर्मचारी रॉकी के साथ अवध, सूरज व अन्य आरोपियों ने चार जनवरी 2018 को स्कोर्पियो में आकर मारपीट धमकी दी थी। आरोप है कि आरोपियों ने धर्म कांटा बंद करने के लिए घटना की थी। पुलिस का कहना है कि उस दौरान एनसीआर दर्ज की गई थी। अब कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
जानकारी छुपाने पर हुए पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
रवि काना केस की पैरवी में लापरवाही पर सेक्टर-39 थाने के पैरोकार रजनीश बघेल और बीटा-2 थाने के पैरोकार जयवीर सिंह को लाइन हाजिर किया गया है। रवि काना ने जिला न्यायालय में अग्रिम याचिका दायर की थी। जानकारी मिली है कि इस जमानत याचिका के संबंध में पैरोकारों ने आलाधिकारियों को जानकारी नहीं दी थी। इसी लापरवाही में दोनों पैरोकारों को लाइन हाजिर किया गया है।