रसाेई गैस सिलिंडर फटने से नवजात समेत दो की मौत, परिवार के चार झुलसे
- सेक्टर-8 झुग्गी में आधी रात को दूध गर्म करने के दौरान हुआ हादसा
- सफदरजंग में भर्ती चारों की हालत गंभीर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। रसोई गैस सिलिंडर फटने से सेक्टर-8 स्थित पक्की झुग्गी में आग लग गई। शनिवार देर रात हुए हादसे में एक ही परिवार के छह लोग झुलस गए। इसमें 16 दिन की नवजात समेत दो बच्चों की जलकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने आग को बुझाया। आग से झुलसे चार लोगों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां चारों की हालत गंभीर बनी हुई है।
मूल रूप से अलीगढ़ निवासी रिजवान (37) परिवार के साथ डी-221, सेक्टर-8 के सामने झुग्गी में रहते है। शनिवार रात परिवार के सभी लोग सो रहे थे। रात करीब दो बजे 16 दिन की बच्ची अरीवा दूध के लिए रोने लगी। दूध गर्म करने के लिए मां शबाना (32) उठी। जैसे ही गैस का स्विच ऑन कर माचिस की तीली जलाई वैसे ही सिलिंडर में आग लग गई। आग पूरे घर में फैलने लगी। इसी बीच रसोई गैस सिलिंडर फटते ही आग ने विकाराल रूप धारण कर लिया। हादसे में इसमें रिहान (12) और नवजात अरीवा की जलकर मौत हो गई। वहीं रिजवान, शबाना, अहद (6) और निशा (20) गंभीर रूप से झुलस गए। चारों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार के मुताबिक शनिवार रात करीब 2:52 मिनट पर सेक्टर-8 झुग्गी में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही मौके पर दमकल की दो गाड़िया रवाना कर दी गई थीं।
दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला
परिजनों ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ कमरे का दरवाजा बंद था। आग तेजी से फैलती चली गई। दरवाजा बंद होने की वजह से पूरे परिवार को बाहर निकालने का मौका नहीं मिला। सभी छह लोग अंदर ही झुलसते रहे। बाद में दरवाजा तोड़कर सबको बाहर निकाला गया। आग में घर में रखी नकदी, जूलरी, खिलौना, बर्तन, बेड से लेकर सारा सामान जल गया। रविवार को रिजवान के कुछ परिचित व रिश्तेदार नोएडा पहुंचे और सीधे सफदरजंग अस्पताल दिल्ली चले गए।
चीख पुकार के बाद मची अफरातफरी
सिलिंडर फटने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। घर के अंदर मौजूद सभी छह लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे। चीख पुकार सुनकर दरवाजा तोड़कर घर के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। तब तक रिहान और अरीवा की मौत हो चुकी थी। जबकि अन्य चारों भी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
कुछ साल पहले आया था परिवार
अलीगढ़ के धनीपुर मंडी के रहने वाले रिजवान कुछ साल पहले अपने परिवार के साथ रोजी रोटी के लिए नोएडा आए थे। वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार पालता है। रिहान पास के ही सरकारी स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। 26 जनवरी को जन्मी अरीवा का शनिवार को ही नामकरण हुआ था। रिजवान की हालत गंभीर है। आसपास के लोगों ने पीड़ित परिवार को मदद का आश्वासन दिया है। घायल निशा कुछ दिन पहले ही रिजवान के पास आई थी। नोएडा झुग्गी झोपड़ी पुर्नवास मंच के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को मदद और मुआवजे का आश्वासन दिया।
20 मिनट में आग पर काबू
अग्निशमन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां आग की तेज लपटें निकल रही थी। तभी दो दमकल की गाडिय़ों से आग बुझाने का काम शुरू हुआ। करीब 20 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया। जहां आग लगी थी वहां एक दूसरे से सटी हुई करीब 300 पक्की झुग्गी झोपड़ी है। अन्य झोपड़ी में आग न लगे इसके लिए सभी लोग अपना सिलेंडर लेकर भागने लगे।