सुल्तानपुरी और हरिनगर की घटना, नहीं मिले सुसाइड नोट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बोर्ड परीक्षा के नतीजे आने के बाद राजधानी में दो अलग-अलग जगहों पर 12वीं की दो छात्राओं ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुल्तानपुरी में एक छात्रा ने फेल होने से आहत होकर यह कदम को उठाया तो हरिनगर में उम्मीद से कम नंबर आने से परेशान एक छात्रा ने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। हालांकि, दोनों ही मामलों में छात्राओं के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन परिजनो का कहना है कि परीक्षा परिणाम ठीक नहीं आने की वजह से दोनों परेशान थीं।
पुलिस के अनुसार, 19 साल की शिवानी माता-पिता, दो बहनें और भाई के साथ ए ब्लॉक सुल्तानपुरी में रहती थी। पिता सुभाष वेल्डिंग का काम करते हैंं। चचेरी बहन ने बताया कि शिवानी चार विषयों में फेल हो गई थी। इससे वह काफी आहत और परेशान थी। शाम करीब साढ़े पांच बजे वह ऊपर की मंजिल पर कमरे में गई। परिवार को लगा कि वह चाय बनाने गई है, लेकिन ऊपर से कोई आवाज नहीं आने पर मां पहुंची तो शिवानी पंखे से चुन्नी की मदद से लटकी हुई थी। परिजन उसे संजय गांधी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पुलिस ने जांच की तो शिवानी के पास और घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। जिस कमरे में उसने जान दी, वहां बिस्तर पर रिजल्ट रखा हुआ था। जांच करने पर चार विषयों में उसके फेल होने का पता चला। इधर, हरिनगर में शुक्रवार देर रात 11:54 बजे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल से पुलिस को 16 साल की किशोरी के खुदकुशी करने की जानकारी मिली। अस्पताल पहुंची पुलिस को पता चला कि किशोरी को मृत घोषित कर दिया गया है। किशोरी की पहचान अशप्रीत कौर (16) के रूप में हुई। निजी कंपनी में काम करने वाले पिता ने बताया कि अशप्रीत कौर साइंस स्ट्रीम की 12वीं की छात्रा थी। उसके 75 फीसदी अंक आए थे, जिससे वह काफी परेशान थी। रात में वह अपने कमरे में चली गई। जब पिता उसके कमरे में गए तो उसे पंखे से फंदे पर लटका हुआ देखा। बेटी को फंदे से उतारने के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।