फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शाहगंज, कानपुर, यूपी के ध्यानार्थ::: चैकिंग में नकली नोट छापने वाले दो जालसाज गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
चैकिंग में नकली नोट छापने वाले दो जालसाज गिरफ्तार
विज्ञापन

- जिला न्यायालय में पेशी पर आया गैंगस्टर रणदीप भाटी के दौरान पुलिस की कार्रवाई,
- आरोपी दसवीं पास, यूट्यूब से सीखा तरीका, पांच हजार के नकली नोट व गांजा बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अनिल दुजाना के एनकाउंटर के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल से रणदीप भाटी की पहली बार पेशी के दौरान सूरजपुर जिला न्यायालय में की गई सघन चेकिंग में नकली नोट छापने वाला एक जालसाज साहिल उर्फ सुंदर पकड़ा गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी शालू को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने पांच हजार रुपये के नकली नोट, प्रिंटर, नोट छापने में काम आने वाला कागज आदि सामान बरामद किया है।
जांच में पता चला है कि दसवीं पास आरोपियों ने यूट्यूब से न केवल नकली नोट छापने का तरीका सीखा, बल्कि नोट के लिए कौन सा कागज बेहतर रहेगा ये भी जानकारी हासिल कर ली। डीसीपी रामबदन सिंह ने बताया कि शनिवार को तिहाड़ जेल से रणदीप भाटी पेशी पर सूरजपुर न्यायालय में दिल्ली पुलिस भारी सुरक्षा में लाया गया था। इस दौरान न्यायालय परिसर में औचक चेकिंग की गई। नकली नोट व गांजे के साथ पकड़े गए आरोपी की पहचान साहिल कुमार उर्फ सुन्दर उर्फ संजू निवासी गांव मनियां थाना शाहगंज जिला जौनपुर और शालू निवासी गांव अमराहट जिला कानपुर देहात के रुप में हुई है। आरोपी साहिल न्यायालय परिसर में पुराने केस की तारीख पर आया था।
विज्ञापन

साहिल फिलहाल सूरजपुर और शालू देवला गांव में रह रहा था। साहिल के कब्जे से 300 ग्राम गांजा, पांच हजार रुपये के नकली नोट (500 के 3 नोट, 200 के 1, 100 के 33 नोट) और गांजा बेचने से मिले 10,490 रुपये मिले हैं। वहीं शालू के कब्जे से चोरी की बाइक मिली है। ये बाइक न्यायालय परिसर से फरार आरोपी मोनू की मदद से चोरी की गई थी, मोनू फिलहाल जेल में बंद है। आरोपी शालू के कमरे से ही नकली नोट छापने में इस्तेमाल कलर प्रिंटर, स्याही की डिब्बी, कागज, 1000 रुपये के नकली नोट (100-100 के 10 नोट ) तथा 200 रुपये असली नोट (100-100 के दो नोट) बरामद किए गए। शालू का भाई विजय तथा दूसरा आरोपी साहिल एक साथ जेल में बंद थे।
विज्ञापन

-
पैरोल पर आया और बेचने लगा गांजा
एसीपी सुमित शुक्ला ने बताया कि साहिल लूट की योजना बनाने के आरोप में जेल गया था और सात साल की सजा काटकर आया था। इस दौरान वह गांजा तस्करी करने लगा और पकड़े जाने पर फिर से जेल भेज दिया गया। अब आरोपी एक माह पहले ही शालू के संपर्क में आने के बाद नकली नोट छापने लगा। वह तस्करों को भी नकली नोट थमा देता था। वह फुटकर में खरीदारी करते और बचे हुए असली नोट रख लेते थे। आरोपी रोज दो से तीन हजार रुपये के नकली नोट छापते थे। आरोपियों के पांच सौ के नोट भी छापे थे लेकिन पकड़े जाने के डर से इन्हें बाजार में नहीं चलाते थे। हालांकि इन्हें रात में चलाने की योजना बना रहे थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें