ग्रेटर नोएडा। पी-3 सेक्टर के साप्ताहिक बाजार से मोबाइल चोरी के शक में दो इलेक्ट्रिशियन को अवैध हिरासत में रखने और छोड़ने की एवज में 20 हजार रुपये नहीं देने पर पिटाई की। पचायतन निवासी जोगेंद्र और हापुड़ निवासी प्रिंस दोनों इलेक्ट्रिशियन ने चौकी प्रभारी व तीन पुलिसकर्मियों पर डंडों और मुक्के से पीटने का आरोप लगाया है। प्रिंस की आंख और जोगेंद्र की कमरे के नीचे गंभीर चोट लगी है। आरोप है कि उन्हें रात लगभग 12 बजे आठ हजार रुपये लेकर छोड़ा गया। शनिवार को दोनों डीसीपी कार्यालय पहुंचे लेकिन यहां उनकी किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाई।
जोगेंद्र और प्रिंस का कहना है कि साप्ताहिक बाजार में किसी का मोबाइल चोरी हो गया था। मोबाइल चोरी के शक में पुलिसकर्मी उन्हें चौकी ले गए। आरोप है कि दोनों को अवैध हिरासत में रखा गया और छोड़ने की एवज में रुपयों की मांग की गई। पुलिसकर्मियों ने दोनों को जेल भेजने की धमकी भी दी। दोनों ने खुद को निर्दोष बताते हुए रुपये देने में असमर्थता जताई तो पुलिसकर्मियों ने दोनों को बेरहमी से पीटा। पीड़ित शनिवार को शिकायत करने डीसीपी दफ्तर पहुंचे तो वहां एक पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों के न होने की बात कहकर टरका दिया। पीड़ितों का कहना है कि वह मेडिकल परीक्षण कराने अस्पताल पहुंचे तो पुलिस केस बताकर उन्हें पुलिसकर्मियों को साथ लेकर आने के लिए कहा गया। पीड़ितों का वीडियो और शिकायत ट्विटर व सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ।
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एडीसीपी को सौंपी गई जांच
यह मामला संज्ञान में आया है। इस मामले की जांच एडिशनल डीसीपी विशाल पांडेय को सौंपी गई है। रिपोर्ट आने पर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
- अभिषेक वर्मा, डीसीपी ग्रेटर नोएडा