माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में आयोजित डिजिटल स्टीम शिक्षा पर आधारित दो दिवसीय शैक्षणिक कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यशाला के दूसरे दिन विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों और आत्म-चिंतन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के बारे में जाना। प्रतिभागियों ने एल्गोरिदम एवं कोडिंग पर आधारित सॉर्टिंग गतिविधि आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने इस बात पर बल दिया कि केवल सैद्धांतिक ज्ञान के स्थान पर प्रयोगात्मक एवं अनुभवात्मक अधिगम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अधिक उपयोगी है। परियोजना का उद्देश्य ड्रोन को अधिक ऊंचाई या दूरी तक उड़ाना तथा उसे निर्धारित डिजीज जोन में सफलतापूर्वक उतारना था। जिससे काल्पनिक डेटा सेंसर की डिलीवरी का अभ्यास किया जा सके। इस दौरान योजना निर्माण एवं उसका चित्रण (ड्रॉइंग) मूल्यांकन का महत्वपूर्ण आधार रहा। कार्यशाला के समापन सत्र में भविष्य की दिशा पर चर्चा करते हुए डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि किस प्रकार एकत्रित डेटा के आधार पर भविष्य के परिणामों का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।