ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के मनोविज्ञान एवं मानसिक स्वास्थ्य विभाग में शुक्रवार को न्यूरो एंड बायोफीडबैक ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन प्रोग्राम शुरू किया गया। इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. आनंद प्रताप सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल तकनीकी अधिगम का माध्यम नहीं बल्कि मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली, आत्म-नियंत्रण और मानसिक सामंजस्य को गहराई से समझने का प्रयास है। डॉ. रूडिगर शेलनबर्ग ने न्यूरोफीडबैक और बायोफीडबैक की कार्यप्रणाली पर बताया कि ये तकनीक मस्तिष्क और शरीर की गतिविधियों के बीच सूक्ष्म संबंधों को समझने और नियंत्रित करने का माध्यम हैं। स्केलनबर्ग इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन जर्मनी के निदेशक डॉ. राजिंदर धमीजा ने बताया कि न्यूरो एंड बायोफीडबैक थेरेपी हेल्दी ब्रेन के लिए एक आवश्यक एवं मिल का पत्थर तकनीकी साबित हो सकती है। इस मौके पर कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी, प्रो. बंदना पांडेय, जिम्स के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता, डॉ. विभा शर्मा आदि शामिल रहे। ब्यूरो