सदर बाजार के व्यापारियों ने निगरानी समिति को ज्ञापन सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सदर बाजार में सीलिंग के खिलाफ फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को थाली बजाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों नेताओं ने निगरानी समिति को सदर बाजार में एमसीडी की ओर से सील की गई दुकानों को डी-सीलिंग करने के लिए ज्ञापन भी सौंपा।
इस अवसर पर एसोसिएशन के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा व अध्यक्ष राकेश यादव, महासचिव रजिंदर शर्मा, कमल कुमार ने बताया एमसीडी ने 12 जनवरी को जटवारा, सदर बाजार में स्थित 17 इमारतों में 25 दुकानों को सील कर दिया। यह एशिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े थोक बाजार में से एक है। सदर बाजार एक प्राचीन बाजार है और मुगलों और अंग्रेजों के समय से अस्तित्व में है। ये आवासीय क्षेत्र नहीं है। यहां अधिकांश दुकानें पंजीकृत हैं। मास्टर प्लान 2021 के अनुसार 70 प्रतिशत से अधिक गतिविधि वाले किसी भी क्षेत्र को व्यावसायिक क्षेत्र माना जाएगा। एमसीडी की ओर से डीडीए को प्रस्तुत एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार सदर बाजार क्षेत्र का 95 प्रतिशत से अधिक व्यवसायीकरण किया गया है, इसलिए इसे आवासीय क्षेत्र नहीं माना जा सकता। वर्ष 2006 में भी पूरी दिल्ली में बड़े पैमाने पर सीलिंग हुई थी उस दौरान सदर बाजार इलाके में एक भी प्रतिष्ठान सील नहीं किया गया था। पुरानी दिल्ली के बाजार विशेष क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।