अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तिहाड़ की जेल नंबर आठ व नौ की सेल में टिल्लू भूतल पर बंद था। गोगी गिरोह के चारों आरोपी पहली मंजिल पर बंद थे। तिहाड़ के अधिकारियों ने बताया कि पहली मंजिल से नीचे आने का कोई रास्ता नहीं है। पहली मंजिल पर आरोपियों की चक्की की तरफ से एक जंगला है जो टिल्लू की सेल की की तरफ था। आरोपी इसे उखाड़ने में लगे हुए थे।
आरोपियों ने जंगले से लोहे की पत्तियां निकाल ली थीं। एक सरिया भी निकाला था। इसे घिसकर चाकूनुमा आकार दे दिया था। इसके बाद आरोपियों ने जंगले को उखाड़ना शुरू कर दिया। तिहाड़ प्रशासन की जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपियों ने सुबह छह बजे जंगला उखाड़ लिया और पहली मंजिल से नीचे कूद गए। उस समय टिल्लू की सेल में उसके पांच से छह बदमाश थे। रोहित समेत अन्य उसे बचाने आए। योगेश टुंडा ने चाकू दिखाकर सब को मारने की धमकी दी। इसके बाद टिल्लू का कोई भी बदमाश उसे बचाने नहीं आया।
लापरवाही बरतने वाले जेल अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
डीजी संजय बेनीवाल ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों का पता लगाने के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि तिहाड़ अधिकारियों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है। अधिकारियों के निलंबित करने के आदेश दिए जा सकते हैं। ऐसे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों का पता लगाया जा रहा है।