एयरपोर्ट के रनवे पर आंदोलन की फ्लाइट तलाशने पहुंचे टिकैत
- किसानों से कहा कहा-क्यों नहीं किया विरोध, एयरपोर्ट का एकबार काम रोककर देखो
मनोज कुमार शर्मा
जेवर। जिले में 12 साल बाद फिर से किसान आंदोलन की आहट सुनाई दे रही है। इसकी तैयारी के लिए शनिवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत जेवर के एयरपोर्ट प्रभावित गांव में किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानों में आंदोलन के प्रति जोश भरने के साथ ही उनकी नब्ज टटोलने का भी प्रयास किया। उन्होंने हैरानी जाहिर करते हुए सवाल पूछा कि एयरपोर्ट का निर्माण शुरू हो गया और किसानों ने कभी कोई आंदोलन क्यों नही किया।
एयरपोर्ट प्रभावित गांव नगला हुकमसिंह से रन्हेरा तक किसान नेता राकेश टिकैत ट्रैक्टर चलाते हुए पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर आतिशबाजी की। गांव पहुुंचने पर फूलमालाओं से जोरदार स्वागत भी किया गया। टिकैत ने किसानों की नब्ज टटोलते हुए कहा कि छह गांव की जमीन लेकर सरकार एयरपोर्ट बना रही है लेकिन हैरत की बात है एक जगह लाठी नहीं चली। एक गांव में आंसू गैस का गोला नहीं चला, गांव के रास्ते भी एयरपोर्ट में जाने से बंद कर दिए। किसानों ने उनसे आंदोलन की बात की तो उन्होंने पूरी तैयारी से आंदोलन करने की बात कही।
बताया जा रहा है कि रन्हेरा गांव के कुछ किसान मुआवजा समेत अन्य मांगों को लेकर राकेश टिकैत के पास पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने जेवर और रबूपुरा का रुख किया। टिकैत के तीखे रवैये से लग रहा था कि वह दिल्ली में किसान आंदोलन की तरह ही आंदाेलन की तैयारी करने के प्रयास में हैं। इस दौरान उन्होंने एयरपोर्ट का काम रोकने और किसानों में आंदोलन के लिए जोश भरने का काम किया। उन्होंने किसानों से कहा कि पहले सरकार डरा रही थी कि एयरपोर्ट हरियाणा चला जाएगा। लेकिन अब तो एयरपोर्ट बन रहा है। अब एयरपोर्ट कहीं नहीं जाएगा। किसानों के सामने सरकार फंसी है तो अभी है लड़ाई लडकर तो देखो को सर्किल रेट का चार गुना ही मिलेगा। इस दौरान उन्होंने 12 वर्ष पहले भटटा पारसौल के आंदोलन की भी याद दिलाई। संवाद