- तीनों लारेंस बिश्नोई गैंग के शार्प शूटर, पुरानी दिल्ली के कारोबारी को दी थी धमकी
- स्पेशल सेल ने जापानी पार्क, रोहिणी से दबोचा, पूछताछ जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पुरानी दिल्ली के एक कारोबारी से 20 लाख की रंगदारी मांगने वाले तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाश गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई गैंग के शाप शूटर हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से दो पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए हैं।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान कृष्णा नगर निवासी उदित साध, नांगलोई निवासी अनीश कुमार और निहाल विहार निवासी मोहित गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 23 जून, 2023 को लाजपत राय मार्केट स्थित एक कारोबारी से बदमाशों ने लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देकर उससे 20 लाख की रंगदारी मांगी थी। इस बाबत कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। स्पेशल सेल उत्तरी रेंज की टीम ने भी मामले की जांच शुरू की। निरीक्षक अरविंद कुमार, मान सिंह के नेतृत्व में टीम बदमाशों का पता लगाने में जुट गई। बदमाशों की लोकेशन यूपी, पंजाब और गुजरात के इलाकों में आने पर पुलिस टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। बदमाश गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल नंबर और ठिकाने बदल रहे थे। 3 जुलाई को पुलिस ने बदमाशों को रोहिणी के जापानी पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया।
तिहाड़ जेल में हुई थी दोस्ती:
जांच के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि बदमाश उदित साध दिल्ली में होल सेल मार्केट में कपड़े बेचता था और लाजपत राय मार्केट में एक दुकान भी चलाता था। वहां से एक थोक विक्रेता से 2015 में धोखाधड़ी के एक मामले में पहली बार तिहाड़ जेल गया। जेल में उसकी मुलाकात अनीश कुमार से हुई और वह खतरनाक लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के बदमाशों से भी मिला। इसके बाद उसने अपने साथियों अनीश कुमार और मोहित गुप्ता के साथ मिलकर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर निर्दोष व्यापारियों को धमकाने की आपराधिक साजिश रची। जांच में पता चला कि बदमाशों ने तिहाड़ जेल के पास से कारोबारी को फोन किया, ताकि जांच में पुलिस को लगे कि तिहाड़ जेल में बंद बदमाश ने धमकी दी है।
बदमाशों ने शिकायतकर्ता को धमकाने के लिए पिस्टल की भी व्यवस्था की। वहीं अनीश कुमार पर एक लड़की को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज है। साथ ही उसपर उत्तम नगर में एक व्यक्ति को बंधक बनाकर 40 लाख रुपये की उगाही करने का मामला दर्ज है। दुष्कर्म के मामले में सजा होने के बाद वह जेल गया, जहां उसकी मुलाकात अन्य बदमाशों से हुई। वहीं मोहित गुप्ता नोएडा के एक होटल में काम करता था। वह लूटपाट के कई मामलों में शामिल है और करीब 8 सालों तक जेल में बंद था।