नोएडा। भारतीय विरासत संस्थान के पुरालेख, पुरालिपि व मुद्राशास्त्र विभाग द्वारा सोमवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत हुई। कुलपति और राष्ट्रीय संग्रहालय के महानिदेशक गुरमीत सिंह चावला ने बताया कि इससे अभिलेखों, प्राचीन लिपियों और मुद्राओं के माध्यम से भारतीय इतिहास के विभिन्न आयामों को समझने में मदद मिलेगी। मुख्य वक्ता और पुरातत्व विभाग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीआर मणि ने अभिलेखों और प्राचीन मुद्राओं को इतिहास का अत्यंत विश्वसनीय स्रोत बताया। इस मौके पर पुरालेख, पुरालिपि और मुद्राशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अनूपा पांडे, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश कुमार पांडेय भी मौजूद रहे। ब्यूरो