पिस्टल मुहैया कराने वाले तीन गिरफ्तार
- शिव नादर विवि में छात्रा स्नेहा की हत्या के लिए छात्र अनुज 35 हजार रुपये में खरीदी थी पिस्टल
- स्नेहा के पिता के बयान दर्ज, नामजदों पर कार्रवाई करेगी पुलिस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा / दादरी। शिव नादर विश्वविद्यालय में 18 मई को छात्रा स्नेहा चौरसिया की हत्या और सहपाठी अनुज की खुदकुशी में इस्तेमाल की गई पिस्टल मुहैया कराने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अनुज के पुराने दोस्त चालक बुलंदशहर निवासी नवीन भाटी, फूड प्रोडक्ट कंपनी के मालिक दिव्यांग अवस्थी और उसके साथी लखनऊ निवासी शेखर कौशल को गिरफ्तार किया है। अनुज ने लगभग एक माह पहले पेटीएम और नकद भुगतान कर आरोपियों से 35 हजार रुपये में पिस्टल और पांच कारतूस खरीदे थे। नवीन और दिव्यांग के कहने पर शेखर कौशल ने पिस्टल दी थी। वहीं, हत्या के केस में पुलिस स्नेहा के पिता के बयान दर्ज कर लिया है।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा साद मियां खान ने बताया कि स्नेहा की हत्या और अनुज के खुदकुशी के मामले में सबसे पहले आर्म्स एक्ट का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी। शनिवार को गिरफ्तार किए गए नवीन भाटी ने पूछताछ में बताया कि अनुज ने शौक के लिए पिस्टल खरीदने की इच्छा जाहिर की थी। वह कॉलेज के दोस्तों को पिस्टल दिखाने की बात कहता था। नवीन ने घंघोला के पास फूड प्रोडक्ट कंपनी चलाने वाले सुपरटेक जार सोसाइटी निवासी दिव्यांश अवस्थी की गाड़ी चलाता है। नवीन ने दिव्यांश से पिस्टल दिलाने को कहा। दिव्यांश ने लखनऊ के गोमती नगर निवासी शेखर कौशल को फ्लैट पर बुलाकर पिस्टल और पांच कारसूत दिलवा दिए। आरोपियों ने अनुज से 25 हजार रुपए दो बार में 12 व 13 हजार पेटीएम से और दस हजार रुपये नगद लिए। इनमें से नवीन ने पांच हजार व शेष 15-15 हजार रुपये दिव्यांश और शेखर ने लिए थे।
आरोपियों को समाचार पत्र के माध्यम से अनुज के उनकी पिस्टल से हत्या व आत्महत्या करने की जानकारी मिल गई थी। अनुज ने लगभग एक महीने तक पिस्टल अपने पास रखी। पुलिस का कहना है कि शेखर कौशल ने जिस व्यक्ति से पिस्टल खरीदी थी, वह उसका नाम या मोबाइल नहीं नहीं जानता। लेकिन पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
सीतापुर खेलने जाने के दौरान हुई थी नवीन से दोस्ती
पुलिस ने बताया कि अनुज ने कक्षा छह से लेकर 12 वीं तक बुलंदशहर स्थित विद्या ज्ञान स्कूल में पढ़ाई की थी। स्कूल में नवीन वैन चलाता था। अनुज नेशनल स्तर का एथलीट था। वह अपनी टीम का कप्तान रहा था। अनुज जिस वाहन से बुलंदशहर से सीतापुर गया था उसे नवीन चलाकर ले गया था। इसी दौरान अनुज और नवीन की दोस्ती हुई थी। वह अब तक नवीन के संपर्क में था। पुलिस अनुज की कॉल डिटेल के आधार पर ही नवीन तक पहुंची। पुलिस को नवीन से अनुज की बातचीत के अलावा पेटीएम से किए गए भुगतान आदि के भी साक्ष्य मिले। जिसके आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अवैध हथियार बेचता है शेखर, तमंचा भी बरामद
पुलिस ने आरोपी से शेखर कौशल से अवैध तमंचा बरामद किया है। आरोपी अवैध हथियार की तस्करी व धंधे में लिप्त है। हालांकि पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई कि शेखर को पिस्टल किसने दी थी। पुलिस आशंका जता रही है कि अवैध हथियार बिहार से तस्करी कर लाए गए हैं।