पकड़े गए आरोपियों में पंजाब एंड सिंध बैंक का पूर्व मैनेजर, बेटा-बहू शामिल
मध्यप्रदेश के पन्ना से दबोचा, दो दिन के रिमांड पर पुलिस कर रही पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। चार सालों से 20 करोड़ के चिटफंड घोटाले में फरार तीन आरोपियों को पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इकबाल बहादुर सिंह बवेजा उर्फ इकबाल सिंह बवेजा, बेटा परमजीत सिंह बजेवा और बहू जसमीत कौर बवेजा के रूप में हुई है। पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर पद से रिटायर हुए इकबाल सिंह ने चिटफंड का काम शुरू किया था। करीब 36 लोगों से 20 करोड़ से ज्यादा की रकम ऐंठी और फरार हो गया। शुरुआत में लोगों का विश्वास जीतने के लिए उसने निवेश के बदले अच्छा मुनाफा भी दिया।
आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त अनेश रॉय ने बताया कि जून 2019 में आर्थिक अपराध शाखा को शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह आनंद ने करोड़ों की ठगी का आरोप लगाया था। सुरजीत ने बताया कि इकबाल सिंह, पत्नी तजिंदर कौर, बेटा परमजीत और बहू जसमीत ने रिजक चिट-फंड और पीएसबी चिट-फंड के नाम से काम शुरू किया। आरोपियों ने पीएसबी इलेक्ट्राॅनिक के नाम से राजौरी गार्डन में शोरूम और बैंक्वेट हॉल भी खोला। इन लोगों ने आम लोगों से निवेश करने के लिए कहा। बदले में भारी लाभ का लालच दिया गया। आरोपियों ने पीड़ितों को सिक्योरिटी के लिए चेक और रुपये वापस करने के शपथ पत्र भी दिए। कुछ समय तक तक आरोपियों ने लोगों को निवेश के बदले मुनाफा दिया, लेकिन बाद में फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। टीम को पता चला कि आरोपी परिवार पन्ना, मध्य प्रदेश में छिपकर रह रहे हैं। पुलिस की टीम ने मंगलवार को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इकबाल ने बताया कि पत्नी तेजिंदर कौर की मौत हो चुकी है। पुलिस तीनों आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।