फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाला गैंग गिरफतार
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सोशल सिक्योरिटी नंबर (एसएसएन) के नाम पर अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने के मामले में दोनों सरगना अभी भी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। नोएडा पुलिस अमेरिकी दूतावास को पूरे मामले की जानकारी देगी। वहीं, अमेरिकी मीडिया में भी नोएडा कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई की चर्चा हुई। वहां के अखबारों और टीवी चैनलो में नोएडा पुलिस की कार्रवाई सुर्खियां बनी हैं।
नोएडा के सेक्टर-6 स्थित कॉल सेंटर में नोएडा पुलिस ने छापा मारकर 84 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। यहां से करीब चार महीने में 500 से अधिक अमेरिकी नागरिकों से 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हुई थी। इस मामले में नोएडा पुलिस अब अमेरिकी दूतावास से पत्राचार कर घटना की सारी जानकारी साझा करेगी। इसके लिए पूरा ब्योरा एकत्र किया जा रहा है।
डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि गिरोह के सरगना पर इनाम घोषित करने की भी तैयारी चल रह रही है। डीसीपी ने अमेरिकी नागरिकों से अपील की है कि वह गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट के ट्विटर हैंडल पर ठगी की जानकारी साझा करें। वहीं, सरगना योगेश पुजारी और हर्षित की तलाश में पुलिस की चार टीमों ने शनिवार को दिल्ली सहित कई अन्य ठिकानों पर दबिश दी। दोनों की अंतिम लोकेशन बसंतकुंज में मिली थी। हालांकि, पुलिस को उस लोकेशन पर कोई नहीं मिला।
इस मामले में नोएडा पुलिस से केंद्रीय एजेंसियों के भी संपर्क में है। वहीं हवाला नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही दोनों मास्टरमाइंड पर नजर रखी जा रही है। इनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी तैयारी है।