तार बाड़ हटाने के आदेश से फिल्म सिटी के निर्माण में देरी के आसार
- उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अधिकारियों ने शुरू की किसानों से वार्ता
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-21 में प्रस्तावित महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी का निर्माण शुरू होने में देरी हो सकती है। जमीन मालिकों के दावे और न्यायालय की ओर से तार बाड़ हटाने के आदेश के बाद अब अधिकारियों ने किसानों से वार्ता शुरू कर दी है। फिलहाल, प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही उजागर होने के बाद अब इस मामले के समाधान के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-21 में पहले चरण के तहत फिल्म सिटी के 230 एकड़ जमीन को तार बाड़ से घेरकर बोनी कपूर की कंपनी बेव्यू प्रोजेक्ट्स व भूटानी ग्रुप को सौंप दिया है। कंपनी यहां दिसंबर से फिल्म सिटी के निर्माण की तैयारी में है। इस बीच रबूपुरा गांव के नौ किसानों की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने घेराबंदी की गई कुल 230 एकड़ में अलग-अलग गाटा संख्या की करीब 11. 27 हेक्टेयर भूमि से तार के बाड़ हटाने के आदेश जारी किए हैं। जेवर तहसील को दिया गया आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता और न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ ने जारी किया है। किसानों ने प्राधिकरण पर बिना सेल डीड साइन किए जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी। किसानों ने जमीन का मुआवजा नहीं मिलने का भी दावा किया है। जमीन से तार की फेसिंग हटाने के बजाय किसानों को मुआवजा वितरित करने और उनके साथ सहमति बनाने में जुटे हुए हैं।
हम इस मामले में किसानों से संपर्क में हैं और उनसे बात की जा रही है। उम्मीद है कि किसानों को जमीन देने के लिए राजी कर लिया जाएगा। फिल्म सिटी के निर्माण से पहले यह अड़चन दूर हो जाएगी।
- शैलेंद्र सिंह, ओएसडी यमुना प्राधिकरण