ग्रेटर नोएडा। जिले की विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए ग्रेटर नोएडा पहुंचे औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने तीनों प्राधिकरणों के अफसरों को विकास कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए। सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में तीनों प्राधिकरणों के अधिकारियों ने मंत्री के सामने विकास कार्यों का खाका पेश किया। मंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांचवें नंबर पर ले आए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन (एक लाख करोड़) की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने में नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना विकास प्राधिकरण की अहम भूमिका है।
नंदी ने कहा कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-तीन (जीबीसी-3) में 80,224 करोड़ के निवेश में से 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश अकेले मेरठ मंडल में होने जा रहा है। ऐसे में मेरठ मंडल की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि प्रदेश में निवेश और बढ़े। इसके लिए और बेहतर विकास कार्य किए जाएं। मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की गड़बड़ियों का परिणाम आज जनता भुगत रही है। अब हमें प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलवार मंत्री समूह बनाकर मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सुहास एलवाई, संयुक्त पुलिस आयुक्त लव कुमार, अपर पुलिस आयुक्त भारती सिंह, सीडीओ तेजप्रताप मिश्र सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
तीनों प्राधिकरणों की समीक्षा
नोएडा प्राधिकरण - सबसे पहले नोएडा प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा करते हुए औद्योगिक विकास मंत्री नंदी ने सीईओ रितु माहेश्वरी से पूछा कि जिन लोगों ने मुआवजा ले लिया है क्या उन सभी लोगों से जमीन खाली करा ली गई है। इसके जवाब में सीईओ ने कहा कि अभी जमीन खाली नहीं कराई जा सकी है। विकास कार्यों की जानकारी देते हुए सीईओ ने कहा कि नोएडा में 80 गांव हैं। 390 करोड़ की लागत से विकास कार्य पांच वर्षों में पूरे किए गए हैं। एक्वा लाइन मेट्रो को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बनाने की योजना है। वहीं, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर फसाड लाइटें लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण - मेरठ मंडलायुक्त एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ सुरेंद्र सिंह ने विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि शहर में 54 हजार स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में बदला जा रहा है। बड़ी संख्या में बिल्डरों की अधूरी परियोजनाएं हैं जिनके आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। बिल्डर-खरीदार विवाद में एनसीएलटी में चल रहे मामले बड़ी चुनौती हैं। गंगाजल परियोजना का लोकार्पण प्रधानमंत्री के हाथों कराने की जानकारी दी गई। साथ ही, 200 ट्रकों को एक साथ खड़ा करने के लिए करीब सात करोड़ की लागत से बनने वाले ट्रकर्स पार्क योजना की जानकारी दी गई। इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए इसके चार्जिंग स्टेशन और स्मार्ट बस स्टैंड की योजना से अवगत कराया गया।
यमुना प्राधिकरण - सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि लॉजिस्टिक पार्क के जरिये 174 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि की गई है। औद्योगिक आवंटन भी बढ़ रहा है। सात पार्क बना रहे हैं। एक हजार एकड़ में सेमी कंडक्टर पार्क बनाने का काम किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट योजना में कुछ रास्ते बंद हो गए थे, उनके वैकल्पिक मार्ग बनाए जा रहे हैं। दिल्ली से बल्लभगढ़ तक एक्सप्रेसवे बनाने का काम कर रहे हैं। बुलट ट्रेन से दो घंटा 29 मिनट में दिल्ली से लखनऊ की यात्रा के लिए योजना बनाई जा रही है। 30 सितंबर तक तीन स्मार्ट गांवों का लोकार्पण कराया जाएगा।