जहांगीरपुर (संवाद)।
प्राचीन शिव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा के विराम दिवस पर कथा व्यास आचार्य मुकेश कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान शिव की महिमा सुनने वाले शिव स्वरूप हो जाते हैं। कथा व्यास ने द्वादश ज्योतिर्लिंग, जालंधर, वृंदा का शील हरण, भगवान विष्णु को पाषाण होने का श्राप, तुलसी-शालिग्राम विवाह और नरकों का प्रसंग सुनाया। कथा के समापन पर पोथी पूजन हुआ और रुद्राक्ष बांटे गए। उस दौरान आकाश, कालीचरण, ललित मोहन, मनीष जादौन, गोपाल, करन, हरीश, कन्हैया, गोविंदा, मुकेश, पूनम, कविता, रितु, कोमल और दीप्ति समेत अन्य लोग मौजूद रहे।