बिलासपुर (संवाद)।
चित्रकूट सेवा समिति की ओर से श्रीबालाजी हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य गोपाल कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र के स्थान पर प्रकृति, गोवंश और गोवर्धन पर्वत की पूजा के लिए प्रेरित किया, जो उन्हें जीवन उपयोगी संसाधन प्रदान करते थे। इससे क्रोधित होकर जब इंद्र ने मूसलाधार वर्षा की, तो श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा की। सात दिनों के बाद इंद्र का अहंकार टूटा और उन्होंने क्षमा मांगी।