ग्रेटर नोएडा। युवराज मामले में चश्मदीद डिलीवरी बॉय मोनिंदर सिंह व अन्य से एसआईटी ने संपर्क नहीं किया। इस मामले में एसआईटी की टीम युवराज के पिता राज कुमार मेहता के पहले ही दिन बयान दर्ज कर चुकी है। एसआईटी चौथे दिन घटना स्थल पर नहीं पहुंची। हालांकि एसआईटी से जुड़े अधिकारी पहले और तीसरे दिन घटना स्थल पर पहुंचे थे। घटनाक्रम को समझने के लिए इस दौरान सीन रीक्रिएट किया गया था। सफेद चूने से सड़क से लेकर गड्ढे तक तीर के निशाना बनाए गए थे। एसआईटी ने समझा कि कार कैसे गड्ढे तक पहुंची। सड़क पर गड्ढे से पहले स्पीड ब्रेकर है। इसके बाद नाला है। ऐसे में कार वहां तक कैसे पहुंच गई। यह सब घटनास्थल पर समझा गया था। एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस से अलग-अलग बिंदुओं पर सवाल पूछे है। इंजीनियर को बचाने के लिए किए गए प्रयास, पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम के पहुंचने, शव को निकाले जाने, फॉरेंसिक जांच, कार की तकनीकी जांच रिपोर्ट समेत अन्य बिंदुओं को इसमें शामिल किया गया है। ब्यूरो