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बारिश के बाद मकान की छत ढही, मलबे में दो बच्चों समेत तीन दबे

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जेवर। जेवर तहसील के धनिसया गांव में रविवार सुबह शुरू हुई तेज बारिश के बाद मकान की छत और दीवार ढह गई। छत के मलबे में दो बच्चे और एक महिला दब गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की और तीनों को मलबे से निकालकर खुर्जा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
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धनसियां गांव निवासी योगेश का गांव में मकान बना हुआ था। उसकी छत कच्ची थी। रविवार सुबह बारिश के बाद मकान की छत और एक दीवार ढह गई। मकान के अंदर योगेश की पत्नी कविता, बेटा लोकेश और योगेश के भाई ऋषिपाल का बेटा सोमू मलबे में दब गए। छत गिरने के बाद मची चीख पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने मलबे में दबे दोनों बच्चों और महिला को बाहर निकाला गया। तीनों को जहांगीरपुर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से हालत खराब होने पर तीनों को खुर्जा के निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। एडीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि घायल महिला व उसके बेटे लोकेश को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वही, 4 वर्ष के बच्चे सोमू उर्फ श्याम सिंह के सिर में चोट होने के चलते इलाज किया जा रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम ने हालात का जायजा लिया।
यमुना का जल स्तर बढ़ने से जेवर के छह गांवों की फसल डूबी
जेवर। जेवर क्षेत्र में रविवार सुबह यमुना नदी की जल स्तर बढ़ गया। पानी पुस्ते तक पहुंच गया है साथ ही बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। छह गांवों की एक हजार बीघे से अधिक फसल डूब गई है। वहीं जल स्तर बढ़ने पर जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें अलर्ट हो गई हैं। पूरे क्षेत्र में बाढ़ चौकियों से निगरानी रखी जा रही है। हालांकि प्रशासन ने बाढ़ का खतरा होने से इनकार किया है। पहाड़ों पर बारिश के बाद हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से 2.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसका असर रविवार को जेवर में देखने को मिला। शनिवार की रात से अचानक जेवर में यमुना का जल स्तर बढ़ना शुरू हो गया था। रविवार की सुबह पानी पुस्ता तक पहुंच गया था। जल स्तर बढ़ने से जेवर के झुप्पा, छातंगा, पूरननगर, शमशम नगर, कानीगढ़ी और गोविंदगढ़ गांव में किसानों की फसल डूब गई। साथ ही यमुना किनारे बसों गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। दिन भर ग्रामीण यमुना के जल स्तर पर नजर बनाए रहे। साथ ही प्रशासन से भी पल-पल की जानकारी लेने में जुटे रहे। विद्युत विभाग ने डूब क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। वहीं एनडीआरएफ और सिंचाई विभाग की टीम नजर बनाए हुए है।
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बाढ़ का खतरा नहीं, निकल चुका है पानी
सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि हथिनी कुंड बैराज से 2.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जो शनिवार की रात ओखला बैराज पर पहुंच गया है। यहां पर 73 हजार क्यूसेक पानी पहुंचा है। शनिवार की रात यह पानी भी ओखला बैराज को पार कर गया है। इस समय ओखला बैराज से 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अफसरों ने बताया कि बाढ़ का खतरा नहीं है। जल स्तर घटना शुरू हो गया है।
जेवर के इन गांव पर बाढ़ का खतरा
पानी का स्तर बढ़ा तो झुप्पा, छातंगा, छातंगा खुर्द, गोविन्दगढ़, कानीगढ़ी, शामशमनगर, महेंदीपुर खादर, महेंदीपुर बांगर, सिरौली खादर, सिरौली बांगर, अगरपुर पलाका, फलैदा बांगर, फलैदा खादर, अनवरगढ़ खादर, जेवर खादर, जेवर बांगर, रामपुर खादर , रामपुर बांगर, करौली खादर, करौली बांगर, सिरसा, माछीपुर खादर, मांछीपुर बांगर, मेवला गोपालगढ़ सहित कुल 25 गांव बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं।
पुस्ता बनने से चैन की नींद सो रहे है ग्रामीण
काफी वर्ष पहले यमुना नदी का पुस्ता नहीं बना हुआ था। तब जल स्तर बढ़ते पर आसपास के गांवों में पानी भर जाता था। ग्रामीण गांव छोड़ना शुरू कर देते थे, लेकिन पुस्ता बनने के बाद स्थितियां बदल गई हैं। अब अगर जेवर में बाढ़ आती है तो 25 गांवों के 54407 लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना होगा। इस क्षेत्र में 19871 हेक्टेयर जमीन है। जिसमें से 9410 हेक्टेयर जमीन की फसल भी प्रभावित हो सकती है।
अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। जल स्तर बढ़ा था, लेकिन अब कम होने लगा है। फिर भी सभी एसडीएम और सिंचाई विभाग को अलर्ट किया गया है। अगर यमुना का जल स्तर बढ़ता है तो लोगों को इसकी सूचना दी जाएगी। - सुहास एलवाई, जिलाधिकारी, गौतमबुद्ध नगर
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