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नोएडा: विदेशी टूर व सेमिनार के नाम पर 100 डॉक्टरों से ठगी करने वाला गया जेल

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विदेश में सैर कराने और सेमिनार के नाम पर 100 डॉक्टरों से ठगी करने वाला पहुंचा जेल
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- नोएडा साइबर क्राइम पुलिस जालसाज को पश्चिम बंगाल से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई थी नोएडा

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। विदेश में सैर और सेमिनार कराने का झांसा देकर देशभर के 100 से अधिक चिकित्सकों से ठगी करने वाले आरोपी को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने सोमवार को आरोपी विशाल पांडे को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर मंगलवार को नोएडा आई और कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उधर, नोएडा साइबर पुलिस से अब तक देश के कई शहरों के डॉक्टरों ने संपर्क कर मामले की शिकायत की है।
नोएडा साइबर क्राइम थाने की प्रभारी निरीक्षक रीता यादव ने बताया कि नोएडा के एक डॉक्टर ने पिछले साल जून में शिकायत दर्ज कराई थी कि विशाल पांडे नामक एक शख्स ने उसे विदेश घूमने का ऑफर देकर 18 लाख रुपए ठग लिए। जांच के दौरान सोमवार को पश्चिम बंगाल से विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव विशाल एक दवा बनाने वाली कंपनी में काम भी कर चुका है। आरोपी ने पहले उत्तर प्रदेश के कुछ डाॅक्टरों को निशाना बनाया, इसके बाद पश्चिम बंगाल, बिहार, आंध्र प्रदेश से लेकर तमिलनाडु आदि राज्यों के चिकित्सकों को ठगने लगा। आरोपी चिकित्सकों से ठगी की रकम को अपने खाते में मंगवाता था। इस कारण पुलिस आरोपी तब पहुंच गई।
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नोटबंदी में नौकरी गई फिर नोट बदलने के दौरान डाॅक्टरों से हुई नजदीकी
पूछताछ में पता चला कि विशाल की दवा कंपनी में नौकरी ठीकठाक चल रही थी लेकिन नोटबंदी के दौरान नौकरी चली गई। इसके बाद वह चिकित्सकों के लिए ब्लैक मनी को एक्सचेंज कराया। इस दौरान उसे लगा कि डाॅक्टरोें के पास काफी पैसे होते हैं तो उन्हें ठगने की साजिश रची और धीरे-धीरे सेमिनार और विदेशी टूर के नाम पर जालसाजी करने लगा।
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‘तुम्हारी सेना भी हमें पकड़ नहीं सकती’
जब साइबर क्राइम पुलिस ने विशाल से फोन पर संपर्क किया तो उसने धमकाया और कहा, ‘तुम लोग पकड़ नहीं पाओगे। तुम क्या, तुम्हारी सेना भी हमें पकड़ नहीं सकती।’ जब पुलिस ने उसे दबोचा तो उसने कहा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगा।
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गिरोह बनाने की तैयारी में था आरोपी
विशाल पूरा गिराेह खुद चला रहा था। वह अपनी कमाई में किसी और को कमीशन नहीं देना चाहता था, इसलिए कमान अपने हाथ में रखी थी। धीरे-धीरे नेटवर्क बढ़ रहा था, इस कारण वह गिरोह में कुछ लोगों को शामिल करने की तैयारी में था।
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