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Noida News: केस दर्ज कराने थाने मरीज तो बीमा अस्पताल को याद आई जिम्मेदारी

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केस दर्ज कराने थाने मरीज तो बीमा अस्पताल को याद आई जिम्मेदारी
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आननफानन मरीज को दिल्ली के निजी अस्पताल में रेफर किया
छह महीने से मरीज को भटका रहे अस्पताल के अधिकारी


माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बीमा अस्पताल को अपनी जिम्मेदारी याद दिलाने के लिए बुधवार को एक मरीज प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर कराने थाने पहुंच गया। स्ट्रेचर पर थाने आए मरीज को देखकर पुलिस ने ईएसआई अस्पताल की निदेशक से संपर्क किया। इसके बाद मरीज को दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लीवर की बीमारी से ग्रस्त सीबी थापा का ईएसआई अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनको ट्रांसप्लांट और जरूरी इलाज के लिए रेफर करने की जरूरत थी। अस्पताल प्रबंधन इसे लगातार टाल रहा है। इसको लेकर दो महीने पहले अस्पताल के बाहर प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद मरीज को खुद के खर्च पर ही नोएडा के अस्पताल में इलाज शुरू कराना पड़ा।
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बुधवार को युवा क्रांति सेना के पदाधिकारियों के साथ मरीज पहुंचा और रेफर कराने की मांग की। ऐसा नहीं करने पर मरीज ने थाना सेक्टर-24 में ईएसआईसी अस्पताल की निदेशक और डॉक्टर के खिलाफ जान से मारने की साजिश रचने और रेफर नहीं करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। युवा क्रांति सेना के अध्यक्ष अविनाश सिंह ने बताया कि सीबी थापा लीवर ट्रांसप्लांट के लिए छह माह से ईएसआई अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। अब उनकी हालत गंभीर हो रही है। ग्रेनो के निजी अस्पताल से भी मरीज के लिए जरूरी इलाज की अनुमति ईएसआई अस्पताल प्रबंधन ने नहीं मानी। आरोप लगाया गया है कि मरीज को ऐसे अस्पताल में भी रेफर किया गया जो पैनल में ही नहीं था।
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