बंदी से मिलाई का शुल्क 10 रुपये.. वसूले जा रहे 700
-पर्ची से लेकर समान पहुंचाने तक का बना रखा है एक हजार का पैकेज
- एक बंदी के परिजन ने जिलाधिकारी से की मामले की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर स्थित लुकसर जेल में यदि आप को किसी बंदी से मिलना है तो इसके लिए आप को 10 रुपये के शुल्क की बजाय 700 रुपये तक देने पड़ सकते हैं। इसके बाद ही बंदी से मुलाकात हो पाएगी।
इतना ही नहीं कुछ कर्मचारियों ने मिलीभगत कर जिला जेल में बंदियों से मिलने के लिए पूरा पैकेज बना रखा। इसमें पर्ची बनवाने, सामान पहुंचाने और मोबाइल रखवाने एवं अलग से मुलाकात कराने के लिए एक हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। इस तरह के एक मामले की शिकायत एक बंदी के परिजन ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय में की है।
दरअसल, जेल में किसी भी बंदी से मुलाकात करने के लिए 10 रुपये की पर्ची कटवाई जाती है। जेल परिसर के मुहाने पर ही एक कर्मचारी को इसके लिए तैनात किया जाता है। आरोप यह कि यह कर्मी पर्ची के लिए 10 की बजाय 30 से 100 रुपये प्रति व्यक्ति ले रहा है। इसके अलावा अवैध रूप से अंदर सामान पहुंचाने, मुलाकात जाली से कराने की जगह आमने-सामने से कराने का अलग से चार्ज ले रहा है। यहां तक की मोटा चार्ज लेकर मोबाइल तक अंदर भिजवाए जा रहा हैं।
शिकायतकर्ता ने यह कहा:
मेरा बेटा घरेलू प्रकरण में जेल में बंद है और उससे मिलने के लिए आता रहता हूं। उससे मिलाई के एवज में हर बार 700 रुपये तक लिए गए हैं। एक बार शिकायत की, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब उच्चाधिकारियों से शिकायत की है।
केपी शर्मा, गाजियाबाद।
मिलाई के लिए 10 रुपये की पर्ची बनती है। अगर कर्मचारी इससे अधिक पैसा लेता है तो उसकी जांच कराई जाएगी। यहां पर सभी कार्य नियमानुसार किए जाते हैं।
अरुण प्रताप सिंह, जेल अधीक्षक।
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अभी तक इस तरह की शिकायत उनके संज्ञान में नहीं आई है, फिर भी अपर जिलाधिकारी को भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि पर्ची समेत अन्य किसी तरह के मामले में कोई अनियमितता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी।