अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक को भारत का वीजा देने से केंद्र सरकार के इनकार को सही ठहराया है। यह व्यक्ति अमेरिका में यौन अपराध का दोषी पाया था। न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने कहा कि वीजा जारी करना राज्य का संप्रभु अधिकार है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और प्रशासनिक विवेक शामिल हैं। अदालत ने स्पष्ट किया, याचिकाकर्ता अमेरिका में यौन अपराधी के रूप में दोषी करार दिए हैं और प्रतिवादी ऐसे लोगों को भारतीय धरती पर कदम रखने से रोकने के अपने अधिकार में हैं। याचिकाकर्ता धनराज राजेंद्र पटेल मूल रूप से भारतीय नागरिक थे, लेकिन बाद में अमेरिकी नागरिकता ले ली और भारतीय नागरिकता त्याग दी। दिसंबर 2022 में ई-वीजा मिलने के बाद वे भारत आए, लेकिन इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्हें रोका गया और दुबई निर्वासित कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने बार-बार एंट्री वीजा के लिए आवेदन किए, जिन्हें लौटा दिया गया। पटेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि अधिकारियों ने इनकार के कारण नहीं बताए और भारतीय नागरिक की पत्नी होने के नाते उन्हें वीजा मिलना चाहिए। अदालत ने यह तर्क खारिज कर दिया।