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Noida News: नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल

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नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल
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- प्राधिकरण कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू
- पैदल मार्च से कई रास्तों लगा जाम, रूट डायवर्जन किया
माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बाद अब किसानों ने नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। 10 फीसदी भूखंड और आबादी के निस्तारण की मांगों को लेकर शुक्रवार को किसान एकता परिषद के नेतृत्व में भारी संख्या में किसानों ने सेक्टर-छह स्थित प्रशासनिक कार्यालय का घेराव किया। उग्र किसानों ने बैरिकेड तोड़कर कार्यालय परिसर में जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस बीच किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। किसान सड़क पर ही तंबू लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इससे पहले किसानों के पैदल मार्च के कारण कई रास्तों पर जाम लग गया। रूट डायवर्जन के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ परिषद का यह सातवां धरना है। इससे पहले वर्ष 2021 में किसानों ने लगातार चार महीने तक प्राधिकरण कार्यालय के बाहर डेरा डाले रखा था। जनप्रतिनिधियों और प्राधिकरण के अधिकारियों ने किसानों की मांगों का निस्तारण करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त करा दिया था। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने बताया कि प्राधिकरण से जो समझौता हुआ था उसे डेढ़ साल बाद भी अमल में नहीं लाया जा सका है। ऐसे में मजबूरन किसानों को फिर से सड़क पर उतरना पड़ा।
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इससे पहले शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे से किसान हरौला स्थित बरातघर में जुटने शुरू हो गए। मौके पर भारी संख्या मेंं महिलाएं भी पहुंची थीं। दोपहर करीब डेढ़ बजे किसान पैदल मार्च करते हुए प्राधिकरण कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस बीच उद्योग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई और जाम जैसे हालात बन गए। हरौला की ओर से उद्योग मार्ग के बीच वाहनों की आवाजाही को बंद रखा गया। वहीं, प्राधिकरण कार्यालय से मुख्य मार्ग को जोड़ने वाला रास्ता भी धरने की वजह से बंद कर दिया गया था।



‘भ्रष्ट अधिकारियों से हम बात नहीं करेंगे’
परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा जनप्रतिनिधियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि इस बार वह भ्रष्ट अधिकारियों से बात नहीं करेंगे। वार्ता केवल प्राधिकरण के चेयरमैन या फिर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से होगी। जिसमें नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण के मुद्दे भी रखे जाएंगे। हालांकि, प्राधिकरण की तरफ से अधिकारी वार्ता के लिए पहुंचे लेकिन किसानों ने उन्हें लौटा दिया।
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अरे फोटो क्लिक होते ही गायब

धरनास्थल पर फोटो खिंचवाने की होड़ दिखाई दे रही थी। हरौला बरातघर में किसानों की संख्या ज्यादा थी। पैदल मार्च शुरू होने पर आगे बढ़कर कैमरे के फ्रेम में आने के लिए खींचतान मचती दिखी। जब किसान प्राधिकरण कार्यालय के बाहर पहुंचे तो संख्या आधी ही रह गई थी। भीषण गर्मी के बीच घंटे-दो घंटे बाद धरना स्थल खाली हो गया। यहां मौजूद लोगों का कहना था कि अब शनिवार को हवन पूजन के साथ धरने की शुरुआत होगी।

किसानों की मांगें

-सभी किसानों को करार स्वरूप 10 प्रतिशत के भूखंड दिए जाएं।

- आबादी का संपूर्ण निदान किया जाए।
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