गीडा थाना क्षेत्र के नौसड़ इलाके में शुक्रवार रात तेज आवाज में गीत बजाने से ढाई महीने का बीमार बच्चा परेशान था। चार दिन पहले ही इस बच्चों को एनआइसीयू से डिस्चार्ज किया गया था। तेज आवाज के कारण वह लगातार रोने लगा। उसकी मां ने पड़ोसी से साउंड बंद करने की गुहार लगाई लेकिन उसने मना कर दिया। सत्या फाउंडेशन की सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर लाउडस्पीकर बंद कराया।
संस्था के सचिव चेतन उपाध्याय ने मामले को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के साथ ही डाॅयल 112 व पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। अपनी शिकायत में उल्लेख किया कि कुछ दिन पहले भी लाउडस्पीकर के तेज शोर के चलते एक नवजात की मौत हो चुकी है, इसलिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
इस सूचना के मात्र 14 मिनट में ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए लाउडस्पीकर बंद कराया। समय रहते शोर बंद होने से नवजात को राहत मिली।