फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida: बिल्डर ने गार्ड की जान की कीमत लगाई सिर्फ 2 लाख, परिजन मांग रहे 50 लाख मुआवजा

Tue, 02 Aug 2022 02:09 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा

सार

सेक्टर-78 स्थित सिक्का कार्मिक ग्रींस सोसायटी में रविवार सुबह बारिश के दौरान लोहे की स्लाइडिंग गेट टूट कर सुरक्षा गार्ड रामहित पर गिर गई थी। सुरक्षाकर्मी उसे निजी अस्पताल ले गए थे। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए सफरदजंग रेफर कर दिया। यहां दोपहर बाद उसने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
सोसायटी के गार्ड की मौत - फोटो : अमर उजाला- फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सेक्टर-78 स्थित सिक्का कार्मिक ग्रींस सोसायटी के बिल्डर ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड रामहित यादव (28) की जान की कीमत दो लाख रुपये लगाई है। रविवार को हादसे में जान गंवाने वाले सुरक्षा गार्ड के परिजनों ने बिल्डर के ऑफर को ठुकरा दिया है। परिजन 50 लाख रुपये मुआवजा मांग रहे हैं। वहीं बिल्डर और सुरक्षा एजेंसी परिजनों को मनाने में जुटे हुए हैं।

विज्ञापन


परिजनों का आरोप है कि इस मामले में पुलिस का रवैया भी लापरवाही भरा है। मामले की लिखित शिकायत देने के 24 घंटे बाद भी अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस दोनों पक्षों में समझौते का इंतजार कर रही है। परिजन अरविंद यादव के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले रामहित की शादी हुई थी। पत्नी सात माह की गर्भवती है। उसके व उसके बच्चे के पालन पोषण के लिए उचित मुआवजा मांगा गया है, जिसे बिल्डर व एजेंसी संचालक पूरा नहीं कर रहे हैं। पुलिस भी मददगार की भूमिका में नहीं दिख रही।

उधर सुरक्षा गार्ड एजेंसी संचालक दीपक चौधरी ने कहा कि बिल्डर प्रतिनिधि सफदरजंग अस्पताल पैसे लेकर देने पहुंचे थे। वह करीब चार लाख रुपये देने को राजी हो गए थे लेकिन परिजन 50 लाख की जिद पर अड़े रहे। उन्होंने बताया कि एजेंसी की ओर से परिजनों की आर्थिक मदद की जा रही है।
विज्ञापन


सेक्टर-78 स्थित सिक्का कार्मिक ग्रींस सोसायटी में रविवार सुबह बारिश के दौरान लोहे की स्लाइडिंग गेट टूट कर सुरक्षा गार्ड रामहित पर गिर गई थी। सोसायटी निवासियों की मदद से सुरक्षाकर्मी उसे निजी अस्पताल ले गए थे। आरोप है कि बिल्डर प्रतिनिधि व सुरक्षा एजेंसी के पदाधिकारियों ने उसे वहां से निकाल कर जिला अस्पताल में ले गए, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए सफरदजंग रेफर कर दिया। यहां दोपहर बाद उसने दम तोड़ दिया। रामहित के जीजा अरविंद यादव ने बताया कि बिल्डर के मेंटेनेंस टीम के प्रबंधक आरके गुलाटी व सुरक्षा गार्ड एजेंसी संचालक दीपक चौधरी ने दो लाख रुपये की मदद देनी चाही, लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया।

सुरक्षा गार्ड की मौत के बाद फूटा गार्ड व निवासियों का गुस्सा, किया प्रदर्शन

सेक्टर-78 स्थित सिक्का कार्मिक ग्रींस सोसायटी में तैनात सुरक्षा गार्ड रामहित की मौत में बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाते हुए सोसायटी निवासियों और सुरक्षा कर्मियों ने सोमवार शाम को प्रदर्शन किया। सोसाइटी में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बिल्डर और मेंटेनेंस टीम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सोसाइटी में केवल गेट में खामी नहीं थी। बल्कि बिल्डर के बनाए गए फ्लैट में भी कई खामियां हैं।

लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद से मेंटेनेंस प्रभारी आरके गुलाटी फोन नहीं उठा रहे हैं। निवासियों ने कहा कि सुरक्षा गार्ड की मौत के बाद भी मेंटेनेंस प्रभारी शाम तक उसकी स्थिति स्थिर होने की बात कर लोगों को गुमराह करते रहे। वहीं सोसाइटी में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि उनका ईएसआई और पीएफ आदि भी नहीं काटा जाता है। साथ ही हर दो माह बाद सुरक्षा गार्ड बदल दिए जाते हैं। सोसाइटी निवासी प्रियंका, प्रीतिका गुप्ता समेत अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया कि गेट ही नहीं यहां के मकान में फ्लैट में भी खामियां हैं। कई स्थानों से सीमेंट गिरने लगे हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें