दिल्ली में शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई नोएडा तक आई
- सूरज हत्याकांड से नोएडा में लॉरेंस विश्नोई व नीरज बवाना गैंग की हुई एंट्री
- गैंगस्टर कपिल मान का लॉरेंस गैंग और प्रवेश मान का कुख्यात नीरज बवाना से है कनेक्शन
सुशांत समदर्शी
नोएडा। दिल्ली में दो गैंग के बीच शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई अब नोएडा पहुंच गई है। गैंगस्टर प्रवेश मान के भाई सूरज की दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद अब नोएडा में लॉरेंस विश्नोई व नीरज बवाना गैंग की एंट्री हो गई है। दरअसल नोएडा में हुई हत्या के पीछे गैंगस्टर कपिल मान व प्रवेश मान के बीच गैंगवार बताया जा रहा है। गैंगस्टर कपिल मान गैंग पर सूरज की हत्या का आरोप लगा है। कपिल मान अभी दिल्ली के कुख्यात रहे जितेंद्र गोगी गैंग को संभालता है और यह गैंग लॉरेंस विश्नोई के लिए भी काम करता है। वहीं, दूसरी तरफ प्रवेश मान कुख्यात नीरज बवाना के लिए काम करता है। आशंका है कि इस हत्या में शामिल शूटर लॉरेंस विश्नोई-जितेंद्र गोगी गैंग के हैं। वहीं, प्रवेश मान की तरफ से नीरज बवाना गैंग के सामने आने की आशंका जताई जा रही है। इस गैंगवार के दौरान प्रवेश मान गैंग व जितेंद्र उर्फ गोगी गैंग (अब कपिल मान गैंग) के बदमाशों के बीच भी वर्षो से गैंग वार चल रही है। इसमें कई बदमाशों की मौत हो चुकी है तो कई जेल में बंद हैं। जुलाई 2018 में खेड़ा खुर्द के प्रवेश मान गैंग के सदस्यों ने कपिल के चाचा सूर्या प्रकाश उर्फ बबलू खेड़ा उर्फ गंजा की अशोक विहार इलाके में हत्या कर दी थी। बबलू ने ही कपिल का पालन पोषण किया था। चाचा की हत्या का बदला लेने कि लिए कपिल ने जनवरी 2019 को केएन काटजू मार्ग इलाके में प्रवेश मान के भाई अनिल उर्फ बंटू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। कपिल को शक था कि हत्या में विरेंद्र मान का भी हाथ था। इसलिए उसने गैंगस्टर जितेंद्र गोगी, कुलदीप उर्फ फज्जा, मोहित के साथ मिलकर विरेंद्र की भी हत्या कर दी थी। इस मामले में कपिल ने और भी कुछ लोगों पर जानलेवा हमला किया था, पर वह बच गए थे। इसके बाद से ही प्रवेश मान गैंग के बदमाश जितेंद्र गोगी गैंग के बदमाशों पर हमला कर रहे थे। प्रवेश मान के गैंग के बदमाशों ने रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान कपिल पर हमला किया था।
जेल में प्लानिंग और पेशी पर हरी झंडी
इस हत्याकांड की पूरी प्लानिंग दिल्ली के मंडोली जेल में गैंगस्टर कपिल मान ने बनाई। पिछले दिनों जब पेशी पर कपिल कोर्ट आया था तब वहां गिरफ्तार आरोपी धीरज ने मुलाकात की थी। इसी मुलाकात में योजना पर मुहर लग गई। बताया जाता है कि इसके बाद ही लॉरेंस गैंग के कुछ शूटरों से बात की गई और इस घटना को अंजाम दिया गया। चूंकि अपने पिता व अन्य परिजनों की मौत के बाद से कपिल बदला लेने को आतुर था और मौके की तलाश कर रहा था। इस योजना के बाद सूरज मान पर नजर रखा जाने लगा और मौके मिलते ही शूटरों ने उसे भून डाला।
वर्चुअल नंबर से करते हैं बात
कपिल व प्रवेश मान गैंग के सभी बदमाश अपने पास मोबाइल नहीं रखते हैं। पुलिस से बचने के लिए कभी भी अपने पास मोबाइल नहीं रखते। एक दूसरे से बात करने के लिए ये लोग वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करते हैं। सूरज मान की हत्या के बाद भी गैंग के आरोपी एक दूसरे से वर्चुअल नंबर से संपर्क में थे। वर्चुअल नंबर से बात करने के पीछे पुलिस से बचना है। पूछताछ में गिरफ्तार बदमाशों ने भी इसके बारे में पुलिस को जानकारी दी है।
लोकशन नहीं पता चले तो हटा लिया सरकारी गनर
सूरज हत्याकांड के बाद इस मामले में इसके चचेरे भाई रोमित ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस गैंगवार के बाद दोनों तरफ के लोगों को दिल्ली पुलिस से सरकारी सुरक्षा मिली थी। इसमें कुछ लोगों ने सरकारी गनर को इस लिए हटा दिया ताकि दुश्मन को उसके लोकेशन का पता न चले। दरअसल सरकारी गनर अपने साथ मोबाइल व असलहा रखते हैं। लोकेशन पता नहीं चले, इस लिए यह लोग मोबाइल नहीं रखते हैं। सूरज दिल्ली से हटकर नोएडा आ गया था, इस कारण वह मोबाइल का इस्तेमाल करता था।
बुलेट प्रूफ कार भी गैंग के पास
पुलिस ने जिन दो बदमाशों को सूरज हत्याकांड में गिरफ्तार किया है, उनके पास बुलेट प्रूफ कार के होने की भी जानकारी मिली है। पुलिस का कहना है कि बुलेट प्रूफ कार के बारे में पता लगाया जा रहा है। आशंका है कि बुलेट प्रूफ कार से ही सूरज की हत्या के लिए रेकी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि पूरे गैंग के बारे में पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस लॉरेंस विश्नोई, नीरज बवाना से लेकर टिल्लू ताजपुरिया तक के गैंग के शूटरों के बारे में पता लगा रही है।