जहांगीरपुर (संवाद)।
प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन आचार्य मुकेश कृष्ण शास्त्री ने शिव और सती के विवाह का प्रसंग सुनाया। इसके बाद उन्होंने माता पार्वती संग शिव के विवाह की कथा भी बताई। वहीं, कथा सुनकर श्रद्धालु झूम उठे और जयकारे लगाने लगे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान ब्रह्मा के पुत्र दक्ष की तपस्या से प्रसन्न होकर मां जगदंबा सती के रूप में प्रकट हुईं और उनका विवाह शिव से हुआ। दक्ष की ओर से अपमानित किए जाने पर सती ने अपनी देह त्याग दी। इसके बाद भगवती ने राजा हिमाचल के यहां पार्वती के रूप में जन्म लिया और तपस्या करके दोबारा शिव को प्राप्त किया।