ग्रेटर नोएडा। अदालत ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्म बनाकर जीएसटी रिफंड की धोखाधड़ी में शामिल प्रवीण कुमार उर्फ राहुल सिंह और सतेंद्र सिंह उर्फ अमन गौतम की जमानत याचिका खारिज कर दी। जमानत याचिका में आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया से उनकी तस्वीरें लेकर बैंक कर्मचारियों से मिलीभगत कर खाते खुलवाए होंगे। अब बैंक कर्मचारी खुद को बचाने के लिए उन्हें फंसा रहे हैं। वहीं अभियोजन ने कहा कि आरोपी स्वयं अपनी फोटो लगाकर अलग-अलग नाम और पते से फर्जी आधार, पैन और अन्य दस्तावेज तैयार कराते थे। अदालत ने केस डायरी और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपियों को जमानत देने से मना कर दिया। ब्यूरो