वैभव हत्याकांड
हत्या से पहले आरोपी ने डिलीट कर दिया था मोबाइल का रिकार्ड
- मंत्री नंदी बोले, हत्यारोपियों पर ऐसी कार्रवाई होगी सात पुश्तें याद रखेंगी
- चौथे दिन भी बंद रहा बाजार, पुलिस कमिश्नर से मिले परिवार के लोग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा/बिलासपुर। व्यापारी अरुज सिंघल के इकलौते बेटे वैभव सिंघल की हत्या के विरोध में शनिवार को चौथे दिन भी कस्बे के बाजार बंद रहे। इस मामले में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने लखनऊ में मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर ऐसी कार्रवाई होगी कि सात पुश्तें याद रखेंगी। इधर, युवती के आपत्तिजनक फोटो की बरामदगी के संबंध में पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने हत्या से पहले वैभव से मोबाइल छीन पासवर्ड मालूम कर सारा डाटा डिलीट कर दिया था। पुलिस वैभव के शव की तलाश के साथ डाटा भी रिकवर करने का प्रयास कर रही है। वहीं, विधायक नीरज वोरा ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
30 जनवरी को 16 वर्षीय किशोर वैभव को अगवा कर उसकी हत्या करने के ममले में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नन्दी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि आरोपी युवकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि वैभव के शव का अब तक पता नहीं चला है। परिजन का आरोप है कि दनकौर थाना पुलिस ने किशोर के लापता होने की घटना को गम्भीरता से नहीं लिया। पुलिस मामले में गुमराह कर रही है। जिसको लेकर वैश्य समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। बहुत ही दुखद एवं निन्दनीय घटना है। घटना को अंजाम देने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उधर, कस्बे की पुलिस चौकी के सामने शनिवार को बाजार बंद कर व्यापारियों व निवासियों ने धरना दिया। इसमें सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक दलों के नेता कार्यकर्ता, आसपास के शहर व जिले से पहुंचे व्यापारी संगठन मौजूद रहे। आसपास के गांव के लोग भी धरने में पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। धरने पर ग्रेटर नोएडा युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, गौरी शंकर, विजय अग्रवाल, नोएडा से अग्रवाल मित्र मंडल के संजय गोयल, नीरज अग्रवाल एवं भंगेल व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के साथ बाबूराम बंसल अपने साथियों के साथ पहुंचे। कई अन्य नेताओं ने भी परिजन को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
पुलिस कमिश्नर से मिले परिजन, अन्य पर भी होगी कार्रवाई
वैभव के परिजन व व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार काे पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह से उनके दफ्तर में मिला। परिजन का कहना है कि पुलिस कमिश्नर ने इस मामले में अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की बात कही है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वैभव का शव जल्द बरामद किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के पति सुधीर नागर, अनुपम तायल, नीरज सिंघल, रश्मि सिंघल, करिश्मा, अनुपम पायल आदि शामिल थे। एसीपी सार्थक सेंगर ने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपियों के नाम सामने आने पर उन पर भी कार्रवाई होगी। परिजन ने हालांकि किसी अन्य के नाम की जानकारी नहीं दी है।
फेसबुक से हुई पहचान, उठ रहे सवाल
परिजन का कहना है कि पुलिस अधिकारी इस मामले में अलग-अलग जानकारी दे रहे हैं। जानकारी मिली है कि वैभव की हत्यारोपी माज से फेसबुक पर दो दिन पहले पहचान हुई थी। अभी तक वैभव का मोबाइल, जूते, कपड़े व चश्मा आदि परिजन के सुपुर्द नहीं किया है। वैभव के शव के अलावा हत्यारोपी की बाइक भी बरामद नहीं हुई है। परिजन का कहना है कि हत्या की वजह कोई और हो सकती है और इसमें अन्य हत्यारोपी भी शामिल हैं। इस मामले में खनन माफिया की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आगरा तक हुई तलाश, कई और शव मिले
पुलिस व गोताखोरों ने शनिवार को भी गंग नहर में दिन भर वैभव के शव की हाथरस और आगरा तक तलाश की। नहर का पानी शव फेंकने वाले स्थान से निकाला गया है। लेकिन अब तक न तो पूरा पानी निकला है और न ही वैभव का शव बरामद हुआ है। परिजन का कहना है कि नहर में कई अन्य लोगों के अलग-अलग क्षेत्र में शव मिले हैं। लेकिन वैभव का कोई अता-पता नहीं चला है। डीसीपी साद मियां खान का कहना है कि पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के बाद परिजन पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट हैं। शव जल्द बरामद कर लिया जाएगा।
कभी पांच तो कभी बताये दो आरोपी
पिता का कहना है कि वैभव का व्यापार में काफी मन लगता था और वह तीन कंपनियों के वितरक का काम संभाल रहा था। पुलिस ने शुरू में कहा था कि उनके बेटे की हत्या हो गई है। लेकिन अभी इसे गुप्त रखना। इसके बाद केस में पांच आरोपी बताये। बाद में दो आरोपी बता दिए। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि दो लड़के हत्या के बाद वैभव के शव को दस किमी दूर कैसे ले गए। एक हत्यारोपी को जिससे मोबाइल बरामद हुआ, उसे 30 जनवरी को पकड़ा और छोड़ दिया था। वैभव के ड्रग्स लेने की बात कही गई।